भारत में टीएएआई का नव वर्ष समारोह आयोजित

2019-01-16 11:21:20
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ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (टीएएआई) द्वारा आयोजित नए साल का स्वागत समारोह 15 जनवरी को दिल्ली में आयोजित हुआ। भारत स्थित चीनी राजदूत लुओ चाओहुइ, टीएएआई के अध्यक्ष सुनील कुमार, एसोसिएशन के सदस्यों और संवाददाताओं समेत सौ से अधिक लोगों ने समारोह में भाग लिया।

लुओ चाओहुइ ने समारोह में भाषण देते हुए कहा कि चीन और भारत की सभ्यता का मिश्रण है, दोनों देशों के पास कई समान सांस्कृतिक अवशेष सुरक्षित हैं, जो दोनों देशों के मूल्यवान पर्यटन संसाधन हैं। गत वर्ष चीन और भारत के बीच 10 लाख से अधिक लोगों ने एक दूसरे देश की यात्रा की, जिनमें भारत की यात्रा करने वाले चीनी पर्यटकों की संख्या केवल 2 लाख थी। जाहिर है कि द्विपक्षीय पर्यटन सहयोग में बड़ी निहित शक्ति मौजूद है। गत वर्ष दिसम्बर महीने में चीन और भारत के बीच उच्च स्तरीय मानविकी आदान-प्रदान व्यवस्था का पहला सम्मेलन आयोजित हुआ। इस दौरान दोनों पक्षों ने तय किया कि आने वाले कुछ सालों में एक दूसरे देश की यात्रा करने वाले लोगों की संख्या को 20 लाख तक बढ़ाया जाएगा। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए दोनों देशों, और भारतीय पर्यटन एजेंसी संघ यानी ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया समेत विभिन्न पक्षों की समान कोशिश की जरूरत है।

लुओ चाओहुइ ने यह भी कहा कि पिछले वर्ष अप्रैल माह में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य चीन के हूनान प्रांत की राजधानी वूहान में अनौपचारिक भेंट-वार्ता की। इसके बाद से लेकर अब तक चीन-भारत संबंधों का विकास एक्सप्रेस रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। भारतीय पर्यटन मंत्री ने चीन में पर्यटन प्रदर्शनी का आयोजन किया। इसके साथ ही चीन ने भारत में पर्यटन प्रसार संबंधी गतिविधियां चलाईं। दोनों देशों के बीच पर्यटन सहयोग का जोरदार विकास हो रहा है। नए साल में हमें उम्मीद है कि दोनों देश एक साथ कोशिश करेंगे, ताकि चीन-भारत पर्यटन सहयोग में नई जीवन शक्ति संचार हो सके और चीन-भारत संबंधों के विकास के लिए नया योगदान दिया जा सके।

समारोह में राजदूत लुओ चाओहुइ ने भविष्य में चीन-भारत सहयोग को लेकर छह सूत्रीय सुझाव पेश किए। पहला, दोनों देशों की सरकार के बीच संपन्न पर्यटन सहयोगी संधि का सर्वांगीण कार्यान्वयन किया जाए, एक दूसरे देश में पर्यटन कार्यालय की भूमिका निभाते हुए अधिक पर्यटन प्रसार की गतिविधियां की जाएं। दूसरा, गत वर्ष दक्षिण पश्चिमी चीन के युन्नान प्रांत की राजधानी खुनमिंग में आयोजित वार्षिक सम्मेलन में हस्ताक्षरित सहयोग ज्ञापन का अच्छी तरह कार्यान्वयन किया जाए, बौद्ध धर्म, तीर्थ यात्रा, बॉलीवुड फिल्म, योग और शादी रस्म आदि मुख्य विषय वाले पर्यटन का सक्रिय विकास किया जाए। तीसरा, पर्यटन से संबंधित संस्थापनों के निर्माण को मजबूत किया जाए, दोनों देशों की भाषा को निपुण अधिक पर्यटन गाइडों को प्रशिक्षित किया जाए, पर्यटन सेवा के स्तर को लगातार उन्नत किया जाए। चौथा, ज्यादा हवाई लाइन खोली जाए, ताकि द्विपक्षीय पर्यटन विकास की मांग पूरी हो सके। पांचवां, सरकारी प्रबंधन विभागों के वीज़ा देने की सुविधा को आगे बढ़ाया जाए, ताकि नागरिक आसानी से वीजा हासिल कर सकें और मानविकी आवाजाही और सक्रिय रहे। छठा, चीन में वार्षिक सम्मेलन में भागीदारी के लिए टीएएआई को आमंत्रित किया जाए, ताकि द्विपक्षीय सहयोग को और आगे बढ़ाया जा सके।

नए साल के स्वागत समारोह में टीएएआई के अध्यक्ष सुनील कुमार ने कहा कि चीन और भारत प्राचीन सभ्यता वाले देश और बड़ी आबादी वाले देश हैं। दोनों के पास पर्यटन संसाधन प्रचुर है और पर्यटन बाज़ार विशाल है। पर्यटन सहयोग को मजबूत करना दोनों देशों के बीच गैर सरकारी मैत्री, द्विपक्षीय संबंध की बढ़ोत्तरी के लिए बहुत सार्थक है। गत वर्ष के अंत में दोनों देशों के पर्यटन जगत के लोगों ने खुनमिंग में एकत्र होकर वार्षिक सम्मेलन का आयोजन किया, इस दौरान आदान-प्रदान सभा, पूर्णाधिवेशन और चीन-भारत पर्यटन संगोष्ठी आदि रंगबिरंगी गतिविधि आयोजित हुई। दोनों देशों की पर्यटन संस्थाओं ने कई सहयोग संधियों पर हस्ताक्षर किए। वार्षिक सम्मेलन में शानदार फल प्राप्त हुए। भविष्य में टीएएआई चीनी पर्यटन जगत के साथ मिलकर आदान-प्रदान और सहयोग को और मजबूत करेगी, ताकि दोनों देशों के बीच मानविकी आवाजाही की मजबूती और भारत-चीन संबंध के विकास के लिए योगदान दिया जा सके।

यहां बता दें कि 27 से 29 नवम्बर तक, साल 2018 में 65वां टीएएआई वार्षिक सम्मेलन युन्नान प्रांत की राजधानी खुनमिंग में आयोजित हुआ। भारतीय पर्यटन एजेंसियों, विमानन उद्योग और होटल उद्योग के 5 सौ से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

(श्याओ थांग)

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