"वर्तमान भारत-चीन संबंध" थीम सेमिनार आयोजित

2019-01-14 11:12:36
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भारत स्थित चीनी राजदूत लो चाओ ह्वेई संगोष्ठी में भाषण देते हुए

"वर्तमान भारत-चीन संबंध" थीम सेमिनार हाल में भारत में आयोजित हुआ, भारत स्थित चीनी राजदूत लो चाओ ह्वेई ने इसमें भाषण दिया।

लो चाओ ह्वेई ने चीन और भारत के ऐतिहासिक आदान प्रदान का सिंहावलोकन करते हुए कहा कि चीन और भारत दोनों प्राचीन सभ्यता वाले देश हैं। बीते हजारों सालों में दोनों ने सिल्क रोड के माध्यम से आदान प्रदान किया और एक दूसरे से सीख ली। आज चीनी युवाओं के बीच योग, दार्जिलिंग चाय और बॉलीवुड फिल्म आदि बहुत लोकप्रिय हैं। चीन के युन्नान जातीय विश्वविद्यालय में एक योग अकादमी भी स्थापित हुई है और वहां अध्ययन करने वाले छात्र योग से एम.ए. भी पास कर सकते हैं। जो भारत के बाहर एक मात्र ऐसा कॉलेज है।

लो चाओ ह्वेई ने कहा कि वर्ष 2018 को चीन-भारत संबंधों का असाधारण साल माना जाता है। दोनों देशों के सर्वोच्च नेताओं ने दूर दृष्टि से चीन के वूहान शहर में प्रथम अनौपचारिक वार्ता की। दोनों ने सामरिक स्वायत्तता और एशियाई सदी निर्माण पर गहन रूप से आदान प्रदान किया । इसके साथ ही देश के शासन, विकास रणनीति का साझा करने तथा फिल्म, खेल, पर्यटन, युवा के सहयोग तथा दूसरे क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय सवालों पर व्यापक सहमतियां संपन्न कीं। वूहान वार्ता के बाद दोनों नेताओं ने गत वर्ष तीन और वार्ताएं की। चीन के तीन स्टेट कांसुलरों ने भारत का दौरा किया और दोनों देशों के संबंधों का विकास तेज़ ट्रेक में प्रविष्ट हुआ। गत वर्ष चीन और भारत के बीच व्यापार 90 अरब अमेरिकी डालर तक जा पहुंचने की संभावना है। चीन भारत के व्यापारिक घाटे को ध्यान में रखकर गैर-बासमती चावल, चीनी और दवा का ज्यादा आयात करेगा। साथ ही पिछले साल के अंत तक दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने वरिष्ठ मानवीय आदान प्रदान सभा में भाग लिया। दोनों ने दस क्षेत्रों और आठ प्रमुख सवालों के आदान प्रदान पर सहमतियां संपन्न कीं। चीन ने नाथूला दर्रा यात्रा को बहाल किया और बीस हजार भारतीय श्रद्धालुओं ने इस मार्ग से अपनी तीर्थ यात्रा पूरी की हैं। चीन और भारत ने ब्रिक्स, शांगहाई सहयोग संगठन और विश्व व्यापार संगठन आदि बहुपक्षीय संरचनाओं में सहयोग किया। चीन, भारत और रूस के नेताओं ने जी 20 शिखर सम्मेलन के दौरान अपनी त्रिपक्षीय वार्ता में भी भाग लिया। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने चीन के छंगतु शहर में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ 21वीं सीमा विशेष प्रतिनिधि बैठक में भाग लिया और दोनों ने सीमांत क्षेत्र में विश्वास को बढ़ाने और विवादास्पद मुद्दे का नियंत्रण करने पर सहमति संपन्न की।

( हूमिन )

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