(इंटरव्यू) चीन एक बहुत बड़ा संभावित बाजार है : चीन में विप्रो कंपनी के कंट्री हेड

2018-11-04 16:25:12
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(इंटरव्यू) चीन एक बहुत बड़ा संभावित बाजार है : चीन में विप्रो कंपनी के कंट्री हेड

“चीन का आईटी बाजार न केवल विप्रो जैसी दिग्गज कंपनियों के लिए, बल्कि भारतीय स्टार्टअप कंपनियों के लिए भी गेम चेंजिग बाजार हो गया है”, चीन में विप्रो कंपनी के कंट्री हेड शुभंकर मुखर्जी ने चाइना रेडियो इंटरनेशनल (सीआरआई) को दिए एक खास इंटरव्यू में कहा।

भारत की बड़ी आईटी कंपनियों में से एक विप्रो कंपनी नई प्रौद्योगिकी और नवाचार (इनोवेशन) के लिए जानी जाती है। इस कंपनी के चाइना कंट्री हेड शुभंकर मुखर्जी ने बताया कि चीन एक बहुत बड़ा संभावित बाजार है, खासतौर पर आईटी उद्योग के क्षेत्र में। साल 2010-11 में जब वे विप्रो कंपनी के चाइना कंट्री हेड बने, तब चीन में कंपनी का पैमाना बहुत छोटा था। उनके नेतृत्व में कंपनी ने चीन के बाजार में अपनी जगह बनाने की योजना बनायी, और ज्यादा बड़ा निवेश करने का सोचा।

आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी विप्रो चीन में ऐसी पहली भारतीय कंपनी है, जिसने कैंपस स्थापित किया है। शुभंकर मुखर्जी ने कहा, “साल 2015 में कंपनी ने तालियन में अपना कैंपस सेटअप किया, जिसमें लगभग 1000 लोग काम कर रहे हैं। उनमें बहुत से आईटी पेशेवर, भारतीय विशेषज्ञ, विषय विशेषज्ञ हैं, साथ ही स्थानीय प्रतिभावान लोग भी हैं।”

चीन में विप्रो कंपनी के सफर को दिलचस्प बताते हुए कंट्री हेड शुभंकर मुखर्जी ने कहा, “विप्रो प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हमेशा अग्रणी रहा है। साल 2016 से लेकर अब तक विप्रो चीन में टॉप 20 सर्विस आउटसोर्सिंग एमएनसी श्रेणी में दूसरे स्थान पर रहा है।” उन्होंने बताया कि साल 2017 में विप्रो कंपनी को चीन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) में बेस्ट इनोवेशन अवार्ड मिला है। उनकी कंपनी चीन को लेकर बहुत ज्यादा प्रतिबद्ध है।

इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स (आईओटी) के बारे में बात करते हुए शुभंकर मुखर्जी ने कहा, “नास्कॉम इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स (आईओटी) को काफी बढ़ावा दे रहा है, और यह एक बहुत अच्छी संकल्पना है। यह बाजार के लिए गेम चेंजिग है।”

विप्रो कंपनी के चाइना कंट्री हेड के साथ-साथ नास्कॉम चाइना के अध्यक्ष शुभंकर मुखर्जी का कहना है कि दुनिया की बहुत-सी प्रसिद्ध कंपनियों में सॉफ्टवेयर पक्ष में भारतीय कंपनियां काम कर रही हैं, जबकि हार्डवेयर पक्ष में चीनी कंपनियां काम कर रही हैं। अगर इन दोनों देशों की कंपनियां हाथ मिला लें, और आईओटी क्षेत्र में किसी उत्पाद के साथ आएं, तो एक गेम चेंजर साबित होगा। वे कहते हैं कि चीन और भारत दोनों देशों की सरकारों ने यह एहसास किया है और इस दिशा में पहल कर रहे हैं।

(इंटरव्यू) चीन एक बहुत बड़ा संभावित बाजार है : चीन में विप्रो कंपनी के कंट्री हेड

शुभंकर मुखर्जी ने इंटरव्यू में बताया कि चीन में दो आईटी कोरिडोर स्थापित हुए हैं, जिन्हें नास्कॉम आईटी कोरिडोर कहा जाता है। पहला, चीन के बंदरगाह शहर तालियन में और दूसरा क्वेयांग में। पिछले साल 2017 दिसंबर में शुरू हुआ तालियन का आईटी कॉरिडोर भारत के छोटे और मध्यम आकार की आईटी फर्म्स को अच्छा प्लेटफॉर्म देता है, जबकि क्वेयांग कॉरिडोर का फोकस बिग डेटा पर है। उनका कहना है कि क्वेयांग का प्लेटफॉर्म बिग डेटा के क्षेत्र में भारत और चीन के बीच आपसी सहयोग को बढ़ावा देगा।

उत्कृष्ट योगदान पुरस्कार से सम्मानित कंट्री हेड शुभंकर मुखर्जी अपने करियर के सफर को दिलचस्प बताते हैं। उन्होंने बताया कि इस साल सिंतबर में उन्हें हांगचो में उत्कृष्ट योगदान पुरस्कार से नवाजा गया। चीन में अभी तक किसी भी विदेशी को यह उत्कृष्ट योगदान पुरस्कार नहीं मिला है, जो आईटी उद्योग से संबंध रखता है। यह पुरस्कार उन्हें दिया जाता है जो अपने क्षेत्र में, खासतौर पर आईटी क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। उनका कहना है कि किसी भारतीय को पहला यह पुरस्कार मिला है।

शुभंकर मुखर्जी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के बारे में बात करते हुए कहा, “आज के दौर में, हर क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग बहुत ज्यादा बढ़ गया है। चीन ने इस क्षेत्र में बहुत कुछ किया है और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी बनता जा रहा है।” उनका कहना है कि चीन को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की महत्ता का एहसास है, और वह उस पर जोर दे रहा है। विप्रो भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में काफी काम कर रहा है।

शुभंकर मुखर्जी तालियन में भारतीय संघ के अध्यक्ष भी हैं। उनका कहना है कि चीन में अधिकतर आईटी कंपनियां तालियन में हैं, और आईटी क्षेत्र का नेतृत्व अधिकांश भारतीयों के हाथों में हैं। भारतीय संस्कृति और भाईचारे को फैलाने तथा अन्य लोगों के साथ जानकारियां साझा करने के लिए 26 जनवरी, 2017 को एक भारतीय संघ का गठन किया गया, जिसमें करीब 200 लोग हैं। वे ज्यादातर आईटी पेशेवर हैं।

उन्होंने बताया कि उनका भारतीय संघ समय-समय पर पेंटिंग प्रतियोगिता, योग व मेडिटेशन सम्मेलन आदि का आयोजन करता है। इसमें चीनी और गैर-चीनी लोग सभी भाग लेते हैं। चीनी लोग खास तौर पर भारतीय संस्कृति को बहुत पसंद करते हैं। उनकी भारत के प्रति सोच बदल रही है। भारतीय संस्कृति से रूबरू होकर, भारत के प्रति उनकी सोच सकारात्मक बन रही है। इस दिवाली पर भी तालियन में एक दिवाली पार्टी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें करीब 300 लोग शामिल होंगे और सब मिलकर दिवाली का जश्न मनाएंगे।

(अखिल पाराशर)

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