भारत के ग्रामीण अंचलों में बढ़ते युवा उद्यमी

2018-10-17 18:48:13
Comment
शेयर
शेयर Close
Messenger Messenger Pinterest LinkedIn
1/5

भारत में आज युवाओं को स्वरोज़गार के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है, वहीं ऐसा माहौल बना हुआ है जहां पर युवा वर्ग ही नहीं बल्कि मध्यम और अधेड़ उम्र के लोग भी बड़े शहरों में अपना आरामदायक जीवन और ऊंची पगार वाली नौकरियां छोड़कर अपने शहरों, कस्बों और गांवों का रुख़ कर रहे हैं क्योंकि वो शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी से परेशान हैं और खुद की पसंद का काम करना चाहते हैं। ऐसे में कोई डेयरी व्यापार में लगा है कोई मुर्गी और मछली पालन में तो कोई ऑर्गेनिक यानी जैविक खेती कर रहा है।

 

कृषि में उद्यमिता बढ़ाते युवा -

देश के ग्रामीण अंचलों में युवाओं को रोज़गार देने के बारे में जब हमने खुद का कृषि जनित व्यवसाय शुरु कर चुके कृष्ण कुमार कन्हैया से बात की तो उन्होंने हमें बताया कि भारत का ग्रामीण क्षेत्र युवा वर्ग को न सिर्फ़ बेहतर रोज़गार देने में सक्षम है बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में बड़ी भूमिका भी निभा सकता है। फिर चाहे वो खेती, मुर्गी पालन, डेयरी उद्योग, मत्स्य पालन का क्षेत्र हो या फलों का उत्पादन और डिब्बा बंद प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, इसके साथ ही ऊर्जा की ज़रूरतें भी स्थानीय स्तर पर पूरी की जा सकती हैं जैसे खेती से निकलने वाली खर पतवार और मवेशियों के गोबर से गोबर गैस बनाई जा सकती है इसके बाद इसी कचरे को मूल्यवान खाद के रूप में प्रयोग कर भूमि की उर्वर शक्ति को बढ़ाया जा सकता है। 

गाँवों में दिखा भविष्य का सपना -

 

कृष्ण कुमार ने सीआरआई को बताया कि कृषि शिक्षा में स्नातक करने के बाद उन्होंने दिल्ली और बड़े शहरों में कृषि पत्रकारिता भी की लेकिन अंतत: उन्होंने गांव का रुख किया और बिहार के बेगूसराय और देवघर को अपना कार्यक्षेत्र बनाया।

 

जैविक कृषि पर ज़ोर -

 कृष्ण ने हमें बताया कि आज का युवा अपने स्तर पर बहुत अधिक प्रयास कर रहा है जिससे खद्य पदार्थों, सब्जियों और फलों को जैविक स्तर पर पूरा किया जा सके, बकौल कृष्ण आज किसानों को उच्च तकनीक से अधिक आधारभूत जानकारी देने की ज़रूरत है, जी ई ऐग्री मीडिया प्राइविट लिमिटेड कंपनी बनाने के बाद कृष्ण कुमार गांव गांव जाकर किसानों को ये जानकारी देते हैं जिसके लिये वो ज़िले के कृषि अधिकारियों से संपर्क कर किसानों की चौपाल भी लगाते हैं जिससे उन्हें सही जानकारी दी जा सके इसके अलावा इन्होंने फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर के ज़रिये भी किसानों को जोड़ा हुआ है। यूट्यूब के विलेज मीडिया सेंटर से किसानों को सरकारी योजनाएं, आधुनिक तकनीक और जैविक खेती पर ज्यादा से ज्यादा जानकारी मुहैया करवाई जा रही है। बिहार और झारखंड के अलावा देश के हर हिस्से के किसानों तक अपनी पहुंच बनाना चाहते हैं जिससे किसानों को सरकारी नीतियों का अत्याधिक लाभ मिल सके। साथ ही फोन कॉल, वीडियो कॉल के ज़रिये भी ये किसानों से जुड़े रहते हैं।

 

भारत सरकार से मिला प्रोत्साहन -

अभी हाल ही में देश के केन्द्रीय कृषि कल्याण मंत्री राधामोहन सिंह ने एक समारोह में कृष्ण कुमार को इस बात के लिये सम्मानित भी किया, इस समाहोर में बिहार सरकार में मंत्री डॉ. प्रेम कुमार, सहकारिता मंत्री राणा रणधीर सिंह भी मौजूद थे, इससे ये भी पता चलता है कि भारत सरकार युवा उद्यमियों को प्रोत्साहन देने में पीछे नहीं है। देश में उभरते हुए युवा उद्यमी युवा वर्ग का ध्यान नौकरियों से स्वरोज़गार की तरफ़ खींच रहे हैं जिससे युवा खुद तो अपने पैरों पर खड़े हो रहे हैं साथ ही अपने क्षेत्र से जुड़े कुछ और लोगों को भी रोज़गार दे रहे हैं।

 

 

पंकज श्रीवास्तव

 

 

 

शेयर