चीन-मालदीव पर्यटन सहयोग मंच आयोजित
3 जुलाई को चीन और मालदीव के पर्यटन विभागों ने संयुक्त रूप से मालदीव में पर्यटन सहयोग मंच आयोजित किया। दोनों देशों के सरकारी अधिकारियों और पर्यटन उद्योग के प्रतिनिधियों ने इकट्ठा होकर सहयोग बढ़ाने पर विचार विमर्श किया।
वर्तमान में चीन मालदीव का सबसे बड़ा पर्यटक स्रोत देश है। हर साल लगभग 3 लाख से ज्यादा चीनी पर्यटन मालदीव घूमने आते हैं। मालदीव स्थित चीनी राजदूत च्यांग चो चुंग ने बताया कि दोनों देशों के पर्यटन उद्योग के विकास और दोनों देशों के मित्रवत संबंधों के लिए इस मंच के आयोजन का बड़ा महत्व है।
चीनी संस्कृति और पर्यटन मंत्रालय के उप मंत्री स्तरीय अधिकारी तू च्यांग ने बताया कि चीन और मालदीव की सरकारों ने एक साथ एक पट्टी एक मार्ग निर्माण मेमोरेंडम और चीन मालदीव मुक्त व्यापार संधि संपन्न की है। चीन मालदीव संबंध विकास के नये दौर से गुजर रहा है। कुछ महीने पहले मालदीव की राजनीति में अस्थिरता पैदा हुई, जिससे वहां की यात्रा करने वाले पर्यटक चिंतित थे। इस पर मालदीव के पर्यटन मंत्री मूसा जामीर ने बताया कि उस समय चीन के वसंत त्योहार का गोल्डन वीक आया था। चीनी पर्यटकों की अगवानी के लिए पूरी तैयारी कर चुके पर्यटन द्वीप के लिए सचमुच कुछ प्रभाव हुआ। मालदीव सरकार ने पर्यटन विभाग को आश्वासन दिया है कि पर्यटन से संबंधी सभी व्यवसाय सामान्य रूप से चलेंगे और प्रचार प्रसार और डिस्कॉट पर जोर लगाया ।अब स्थिति में बड़ा सुधार हुआ है।
मालदीव के पर्यटन व्यवसाय संघ के बोर्ड निदेशक जुलायखा मानिक ने बताया कि हमें चीनी पर्यटकों के आने की बड़ी आशा है और जरूरत भी। हमें चीनी पर्यटकों के लिए विभिन्न सहूलियतें तैयार करनी हैं। मेरा विचार है कि हम अच्छे से अच्छा करेंगे।
(वेइतुंग)


