चीनी शिक्षा प्रदर्शनी कोलकाता में आयोजित

2018-05-11 15:35:40
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10 मई को कोलकाता स्थित चीनी वाणिज्य दूतावास ने 2018 चीनी उच्च शिक्षा उपलब्धियों की प्रदर्शनी आयोजित की, जिस पर विभिन्न स्थानीय नागरिकों ने खासा ध्यान दिया।

मौजूदा प्रदर्शनी चीनी वाणिज्य दूतावास और कोलकाता चीनी भाषा स्कूल ने संयुक्त रुप से आयोजित की। भारतीय संघीय सासंदों, पश्चिम बंगाल की सरकार अधिकारियों और स्टेट सांसदों, स्थानीय यूनिवर्सिटियों और कॉलेजों, वाणिज्य संघों और संस्थाओं के प्रमुखों, शिक्षकों और छात्रों समेत एक हज़ार से अधिक लोगों ने इसमें भाग लिया।

कोलकाता स्थित चीनी वाणिज्य दूतावास के जनरल काउंसलर मा चानवू ने प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह में भाषण देते हुए कहा कि शिक्षा पर महत्व देना चीनी और भारतीय जनता की आम अभिलाषा है। माता पिता चाहते हैं कि शिक्षा से अपना बच्चा सुयोग्य व्यक्ति बन जाएगा। यह भारतीय फिल्म“हिंदी मीडियम”की चीन में लोकप्रियता हासिल करने का मुख्य कारण भी है।

 मा चानवू ने कहा कि शिक्षा चीन और भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। शैक्षिक आदान प्रदान चीन-भारत संबंध, खास कर मानविकी आदान प्रदान का अहम विषय है। एक दूसरे देश में अध्ययन करने से विद्यार्थी चीन या भारत की संपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकेंगे, यह आपसी समझ और पारस्परिक विश्वास को आगे बढ़ाने, चीन-भारत संबंध को मजबूत करने के लिए बहुत सार्थक है।   

जानकारी के अनुसार, वर्तमान में कुल 18 हज़ार भारतीय छात्र चीन में अध्ययन कर रहे हैं, जबकि भारत में 2 हज़ार से अधिक चीनी छात्र अध्ययन कर रहे हैं। यह संख्या बहुत कम है। क्योंकि चीन में पढ़ने वाले विदेशी विद्यार्थियों की संख्या 4 लाख 50 हज़ार है, जबकि विदेशों में चीनी छात्रों की संख्या 5 लाख 50 हज़ार से ज्यादा है। विश्वास है कि दोनों पक्षों के समान प्रयास से चीन और भारत के बीच एक दूसरे देश में अध्ययन करने वाले छात्रों की संख्या में अधिक वृद्धि होगी।

मा चानवू के अनुसार, मौजूदा शिक्षा प्रदर्शनी का आयोजन भारत में ऐसा सूचना देना है कि चीन दोनों देशों के संबंध पर बहुत महत्व देता है और भारत के साथ शैक्षिक आदान प्रदान और सहयोग का विकास करना चाहता है।

(श्याओ थांग)

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