दिल्ली:17वें“चीनी पुल”विश्व प्रतियोगिता का एक हिस्सा आयोजित
वैश्विक कॉलेज छात्रों के लिए 17वें“चीनी पुल”प्रतियोगिता का एक हिस्सा 16 अप्रैल को दिल्ली में आयोजित हुआ। जवाहार लाल नेहरु विश्वविद्यालय, मुंबई विश्वविद्यालय, वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, विश्वभारती विश्वविद्यालय आदि सुप्रसिद्ध विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों ने इसमें भाग लिया।
प्रतियोगिता के पुरस्कार प्रदान समारोह में भारत स्थित चीनी लाजदूत लो चाओह्वेई ने भाषण देते हुए कहा कि भाषा लोगों के बीच आपसी संपर्क का पुल है, जो किसी भी देश को समझने का सबसे अच्छी चाबी है। इतिहास में चीन और भारत की सभ्यताओं के बीच प्राचीन रेशम मार्ग के साथ गहरा आदान-प्रदान किया गया। कोई भी देश चीन और भारत की तरह नहीं है, जो इतिहास में इतने प्राचीन समय से ही एक दूसरे की भाषा सीखी और आदान-प्रदान किया। ह्वेन त्सांग विश्व में सबसे पहले संस्कृत गुरु थे, उन्होंने 77 बौद्ध ग्रंथों को संस्कृत से चीनी में अनुवाद किया, जबकि बोधिधर्म ने चीन में बौद्ध धर्म की एक शाखा स्थापित की। मुझे विश्वास है कि उन्हें चीनी भाषा में जरूर महारत हासिल थी। भाषा के आदान प्रदान से चीनी और भारतीय संस्कृति के ताल-मेल और आपसी सीखने को मज़बूत किया गया। “चीनी पुल”प्रतियोगिता विदेशों में कॉलेज छात्रों के चीनी भाषा सीखने और चीन को समझने वाला महत्वपूर्ण मंच और प्रसिद्ध ब्रांड बन चुकी है।
लो चाओह्वई ने कहा कि वर्तमान में चीन और भारत सुधार और खुलेपन पर जोर दे रहे हैं। भूमंडलीकरण और आर्थिक एकीकरण की पृष्ठभूमि में दोनों देश व्यापक सहयोग और आवाजाही करने में सक्रिय हैं। चीन और भारत विश्व में क्रमशः दूसरा और सातवां आर्थिक समुदाय हैं। चीन भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, लोगों की आवाजाही 10 लाख से अधिक है और हर हफ्ते 42 उड़ानों का आवागमन होता है। 20 हज़ार से अधिक भारतीय छात्र चीन में अध्ययन करते हैं, जबकि 800 से अधिक चीनी कंपनियां भारत में कारोबार करती हैं। इस तरह एक दूसरे की भाषा सीखना बहुत जरूरी है।
गौरतलब है कि भारत में आयोजित मौजूदा“चीनी पुल”प्रतियोगिता में लिखित परीक्षा, निश्चित विषय भाषण, सवाल-जवाब और कलात्मक प्रदर्शन आदि कड़ी शामिल है। विश्वभारती विश्वविद्यालय और मुंबई विश्वविद्यालय के छात्र मान हुआन (मनोरंजन दलाल) और मा लोंग (मनोहर कुमार) ने क्रमशः पहला और दूसरा स्थान प्राप्त किया। वे भारतीय प्रतिनिधि के रूप में चीन में आयोजित“चीनी पुल”की फाईनल प्रतियोगिता में भाग लेंगे।
(श्याओ थांग)







