चीन-भारत पर्यटन की मज़बूती के लिए शांति निकेतन में पर्यटन संगोष्ठी आयोजित
चीन-भारत पर्यटन की मज़बूती के लिए शांति निकेतन में पर्यटन संगोष्ठी 23 मार्च को कोलकाता में आयोजित हुई। कोलकाता स्थित चीनी काउंसिल जनरल मा चानवू, पश्चिम बंगाल के संबंधित सरकारी अधिकारियों, विद्वानों, स्थानीय पत्रकारों और अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय के शिक्षकों और छात्रों को मिलाकर कुल 200 से ज्यादा लोगों ने इसमें भाग लिया।
चीनी काउंसिल जनरल मा चानवू ने उद्घाटन समारोह में कहा कि में शांति निकेतन में बहुत सारे पारिस्थितिक प्राकृतिक परिदृश्य हैं और गहरे ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत भी मौजूद हैं। खासकर यहाँ महान लेखक रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा बनाए अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय और चीनी अकादमी मौजूद हैं। उनके शिक्षा, मनुष्य और प्रकृति के बीच संबंधों के विचारों को यहाँ व्यवहार में लाया गया है। इसके अलावा यहाँ समृद्ध भारतीय सांस्कृतिक तत्व भी रहे हैं। होली, दुर्गा पूजा जैसे महोत्सव हर वर्ष सांस्कृतिक विशेषताओं के साथ मनाया जाता है। इसलिए स्थानीय पर्यावरण पर्यटन का उज्ज्वल भविष्य है। विश्वास है कि ज्यादा चीनी पर्यटक यहाँ का दौरा करेंगे।
संगोष्ठी में मा चान वू ने हाल ही में चीन-भारत संबंधों के विकास का परिचय भी दिया। उन्होंने कहा कि गत वर्ष के अंत से लेकर अब तक दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय आदान-प्रदान लगातार हो रहा है। विश्वास है कि द्विपक्षीय प्रयासों से चीन-भारत संबंधों को नई प्रगति मिलेगी। शांति निकेतन आने वाले पर्यटकों में चीनी पर्यटक भी ज्यादा होंगे।
(नीलम)




