19वीं सीपीसी कांग्रेस का चीन-भारत संबंधों पर पड़ेगा सकारात्मक प्रभाव

2017-11-07 12:54:05
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भारत स्थित चीनी राजदूत लुओ चाओह्वेई ने 6 नवम्बर को विवेकानंद अंतर्राष्ट्रीय फ़ाउंडेशन और चीनी अनुसंधान केंद्र द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित“19वीं सीपीसी कांग्रेस और चीन-भारत संबंध”शीर्षक सेमिनार में व्याख्यान देते हुए कहा कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 19वीं राष्ट्रीय कांग्रेस में शी चिनफिंग के नये युग में चीनी विशेषता वाले समाजवादी विचार को मार्गनिर्देशक विचार के रूप में तय किया है। 19वीं सीपीसी कांग्रेस ने दो चरणों में चीन को समाजवादी ताकत बनाने का लक्ष्य भी निर्धारित किया है। हम इस लक्ष्य तक जा पहुंचने के प्रति काफी विश्वस्त हैं।

चीनी राजदूत ने कहा कि चीन भारत के साथ अपने संबंधों को बहुत महत्व देता है। नजदीक भविष्य में दोनों पक्ष सिलसिलेवार वार्ताएं चलाएंगे। हाल ही में भारत के कुछ मीडिया संस्थानों ने हिन्द-प्रशांत महासागरीय रणनीति के सवाल को ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया और कहा कि नव उभरते बहुपक्षीय सहयोग चीन के विरूद्ध हैं। मैं इससे सहमत नहीं हूं। चीन-भारत संबंधों का दीर्घकालीन लक्ष्य तैयार करना चाहिये। अगर चीन और भारत समान कदम और समान दिशा से कोशिश करें तो द्विपक्षीय संबंधों को एक नये स्तर पर पहुंचाया जाएगा।

विवेकानंद अंतर्राष्ट्रीय फ़ाउंडेशन और चीनी अनुसंधान केंद्र के प्रमुख समेत उपस्थित प्रतिनधियों ने भी अपने अपने भाषण में 19वीं सीपीसी कांग्रेस के महत्व का सकारात्मक मूल्यांकन किया।

( हूमिन )

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