भारतीय दिद्वान के विचार में ब्रिक्स व्यवस्था

2017-10-09 18:41:44
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चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 18 वीं राष्ट्रीय कांग्रेस से सीपीसी की केंद्रीय कमेटी के नेतृत्व में चीन ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलताएं प्राप्त कीं। वर्ष 2013 से एक पट्टी एक मार्ग के सुझाव, वर्ष 2014 के पेइचिंग एपेक सम्मेलन, वर्ष 2016 के जी-20 शिखर सम्मेलन, वर्ष 2017 के एक पट्टी एक मार्ग अंतर्राष्ट्रीय सहयोग शिखर मंच और ब्रिक्स देशों की 9वीं भेंट वार्ता से यह ज़ाहिर हुआ है कि चीन की कूटनीति में बड़ा विकास हुआ है।

हाल ही में भारतीय चेन्नई यूनिवर्सिटी के प्रेस विभाग के प्रोफेसर टी. जयशक्तिवेल ने संवाददाताओं से कहा कि ब्रिक्स सहयोग व्यवस्था के विकास से यह देखा जा सकता है कि ब्रिक्स सहयोग व्यवस्था सभी सदस्यों के लिये लाभदायक है, खास तौर पर चीन के लिये। इससे चीन के शासन के नवीनतम विचार और उसका आत्मविश्वास को दिखाया गया है।

जयशक्तिवेल ने कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग और साझा जीत से नवोदित बाजार वाले देशों और विकासशील देशों का विकास हो सकता है। विकासशील देश वर्तमान की आर्थिक मंदी में एक साथ विकसित हो सकेंगे। साथ ही विकसित देशों का भी इस सहयोग व्यवस्था पर ध्यान जाएगा।

चंद्रिमा

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