कोलकाता के चीनी कौंसुलेट में चीन-भारत शिक्षा आदान-प्रदान संगोष्ठी

2017-09-14 14:55:35
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 13 सितंबर को कोलकाता स्थित चीनी कौंसुलेट, भारतीय वाणिज्य संघ, कोलकाता चीनी स्कूल, युन्नान प्रांत की सरकार के विदेश मामलों के कार्यालय ने चीन और पूर्वी भारत के क्षेत्रों के बीच शिक्षा आदान-प्रदान संगोष्ठी का आयोजन किया।

कोलकाता स्थित चीनी कौंसुलर मा चान वू ने कहा कि चीन और भारत दोनों बड़े विकासशील देश हैं, दोनों देशों की कुल आबादी विश्व की 35 प्रतिशत है, इसलिए द्विपक्षीय संबंधों का स्वस्थ सतत विकास दोनों देशों की जनता के मूल हितों के अनुकूल होने के साथ एशिया और विश्व के लिए भी महत्वपूर्ण है। हालांकि द्विपक्षीय संबंधों में कुछ समस्याएं मौजूद हैं, लेकिन दोनों देशों के समान हित मतभेद से बड़े हैं। दोनों देशों को एक साथ द्विपक्षीय संबंधों का आगे विकास करना चाहिए। सांस्कृतिक आदान-प्रदान विशेषकर शिक्षा आदान-प्रदान आपसी विश्वास को आगे बढ़ाने, द्विपक्षीय संबंध का निरंतर स्वास्थ्य और सतत विकास करने के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए इस तरह की आवाजाही को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। इधर के वर्षों में चीन के युन्नान प्रांत और पश्चिम बंगालके विश्वविद्यालयों और स्कूलों के बीच शिक्षा आदान-प्रदान और सहयोग निरंतर आगे बढ़ रहा है। कूल 50 स्कूलों के बीच आदान-प्रदान के संबंधित ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। चान वू ने कहा कि चीनी कौंसुलेट दोनों पक्षों के बीच शिक्षा आदान-प्रदान और सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से समर्थन और सहायता देगा।(वनिता)

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