चीनी एक्शन विश्व लैंगिक समानता को आगे बढ़ाने की अहम प्रेरणा शक्ति है

2020-10-02 17:07:44
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महिलाएं मानव जाति की सभ्यता की रचक है, सामाजिक प्रगति को आगे बढ़ाने वाली है और विविधतापूर्ण व्यवसायों में असाधारण उपलब्धियां देती हैं। 1 अक्तूबर को यूएन में पेइचिंग विश्व महिला सम्मेलन की 25वीं वर्षगांठ की स्मृति में एक वरिष्ठ बैठक में चीनी नेता शी चिनफिंग ने भाषण देकर कोविड-19 के मुकाबले में महिला कर्मचारियों की भारी सराहना की, विश्व महिला कार्य को आगे बढ़ावा देने के लिए चार सुझाव पेश किये। उन्होंने घोषणा की कि आगामी पाँच सालों में चीन विश्व महिला कार्य का समर्थन करने के लिए ठोस कदम उठाएगा।

इस साल पेइचिंग विश्व महिला सम्मेलन की 25वीं वर्षगांठ और विश्व महिला शिखर सम्मेलन की 5वीं पर्षगांठ है। उपरोक्त दो सम्मेलन का महिला विकास कार्य में अहम मील का पत्थर का अर्थ है। शी चिनफिंग ने अपने भाषण में जोर दिया कि महामारी का मुकाबला करने और आर्थिक व सामाजिक पुनरुत्थान की प्रक्रिया में हमें महिलाओं की खास आवश्यक्ता पर ध्यान देना चाहिए, महिलाओं के महामारी के असर से छुटकारा पाने को मदद देनी चाहिए और लिंग समानता का कार्यान्वयन करना चाहिए। साथ ही उन्होंने विश्व महिला कार्य के सहयोग को मजबूत करने का सुझाव भी पेश किया। शी चिनफिंग के इन रुखों से जाहिर है कि चीन सरकार हमेशा के लिए महिला कार्य के विकास को महत्व देती रही है।

विश्व का सबसे बड़ा विकासशील देश होने के नाते लैंगिक समानता को आगे बढ़ाने में चीन का प्रयास और चीन द्वारा प्राप्त उपलब्धियां उल्लेखनीय हैं। वास्तव में विश्व महिला आबादी की 20 प्रतिशत चीनी महिलाओं का विकास व प्रगति खुद ही विश्व महिला कार्य के लिए भारी योगदान है। बीते बीस सालों में चीन ने महिलाओं के हितों को सुनिश्चित करने के लिए 100 से अधिक कानून व नियमावलियां बनायी हैं। हाल में चीन में 40 प्रतिशत से अधिक महिलाएं बाहर काम करती हैं। कोविड-19 के मुकाबला कार्य में लाखों महिला चिकित्सकों ने फ्रंड लाइन में काम कर रही हैं। चीनी समाज में महिलाएं आधी भूमिका अदा करती हैं।

शी चिनफिंग ने अपने भाषण में यह आह्वान किया कि कोविड-19 के सामने पहले किसी समय की तुलना में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को हाथ मिलकर सहयोग करना चाहिए और चुनौतियों को दूर करना चाहिए। ताकि एक भेदभाव न होने वाली दुनिया और एक समावेशी विकास करने वाला समाज का निर्माण कर सके। केवल इससे मानव जाति की सभ्यता की प्रगति हो सकेगी और समाज का सतत विकास हो सकेगा।

(श्याओयांग)

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