(इंटरव्यू) कोरोना के बाद अब वुहान पूरी तरह से सामान्य : भारतीय पत्रकार

2020-09-23 19:47:17
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“कोरोनावायरस महामारी फैलने के बाद वुहान शहर की स्थिति अब बीजिंग से भी ज्यादा सामान्य है, लोग ऑफिस जाने लगे हैं और बच्चों के स्कूल खुल गये हैं”, हाल ही में वुहान का दौरा करने वाले एक भारतीय पत्रकार शुभम पाल ने सीएमजी (चाइना मीडिया ग्रुप) के साथ एक ख़ास बातचीत में कहा।

कई वर्षों से चीन में रह रहे भारतीय पत्रकार शुभम पाल ने ख़ास बातचीत में कहा कि उनका वुहान का दौरा बेहद अच्छा और सुकून देने वाला रहा। इस वक्त वुहान की स्थिति बीजिंग से भी ज्यादा सामान्य है। उन्होंने कहा, “चूंकि जून की शुरूआत में बीजिंग के एक मार्केट शिनफाती में कोरोना के मामले आये थे, जिसकी वजह से बीजिंग में एहतियात और नियम कड़े कर दिये गये थे, लेकिन वुहान में 76 दिनों के लॉकडाउन के बाद वहां अब तक कोई मामला सामने नहीं आया है।”

पिछले 20 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय शुभम पाल ने कहा कि वुहान में लॉकडाउन हटने के बाद 1 करोड़ से ज्यादा लोगों का बड़े पैमाने पर कोरोना टेस्ट किया गया, जिसमें केवल कुछ ही मामले सामने आये, वो भी बगैर लक्षण वाले जबकि लक्षण वाला कोई मामला सामने नहीं आया। उन्होंने कहा, “वुहान ने कोरोनावायरस महामारी के खिलाफ जिस तरह से जोरदार लड़ाई लड़ी है, आज उसी का ही परिणाम है कि वहां स्थिति सामान्य हो चुकी है।”

शुभम पाल ने वुहान निवासियों की सामान्य होती जीवनचर्या के बारे में बताते हुए कहा, “लोगों का जीवन पटरी पर लौट आया है। सड़कों पर लोग बिना मास्क लगाये नजर आये, सभी रेस्तरां, पब, क्लब, बाजार आदि में लोगों की अच्छी-खासी भीड़ नजर आयी। ऐसा बिल्कुल नहीं लगा कि वुहान शहर पहले कभी कोरोना वायरस का अभिकेंद्र था। यह शहर शुरूआती दिनों में कोरोना वायरस से जूझता रहा, लेकिन अब सब कुछ सामान्य दिखाई दिया।”

शुभम पाल ने वहां वुहान के लोगों से बातचीत कर उनके कोरोना से जूझने का अनुभव जाना। उन्होंने उन लोगों के अनुभव साझा करते हुए कहा कि वहां के कुछ लोग अभी भी कोरोना से जूझने के तनाव विकार से ग्रस्त हैं। साल की शुरूआत में जब महामारी फैल रही थी, तब वहां अस्पताल में बेड ज्यादा नहीं थे, अस्पताल के बाहर कोरोना से ग्रस्त रोगियों की लंबी कतार थीं, और लोगों में डर था कि आगे क्या होने वाला है। लेकिन अब उन लोगों का तनाव विकार धीरे-धीरे जा रहा है। लोग अब रिलैक्स करने लगे हैं, और भय के मंजर से अपने आपको उभार पा रहे हैं।

शुभम पाल ने कहा, “लगभग 2 महीने घर में बंद रहने के बाद अब लोग सकारात्मक तरीके से जीवन जीना चाहते हैं। वहां मेट्रो, बस, पार्कों, पर्यटन स्थलों पर लोग सैर करते हुए नजर आये। लोग छुट्टियां लेकर शहर का भ्रमण कर रहे थे। देखा जाए तो लोगों के मन से कोरोना का डर खत्म हो रहा है।”

दरअसल, महामारी के चलते इस साल की शुरूआत में वुहान में पर्यटन उद्योग को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था, और अब वुहान की सरकार ने पूरे शहर के दर्शनीय स्थलों को निःशुल्क रूप से खोल दिये हैं। वहां की सरकार टूरिज्म को काफी बढ़ावा दे रही है, और लोगों को पर्यटन के लिए प्रोत्साहित कर रही है।

कोरोना महामारी के विरूद्ध चीन की लड़ाई के बारे में बताते हुए शुभम पाल ने कहा, “चीन ने महामारी पर नियंत्रण कारगर तरीके से किया है। वुहान और अन्य प्रांतों व क्षेत्रों में संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए चीन ने राष्ट्रीय संयुक्त रोकथाम और नियंत्रण तंत्र स्थापित किया। इस दौर में चीनी लोगों ने अपनी सरकार का पूरा साथ दिया और अपने असाधारण प्रयासों के साथ इस महामारी के खिलाफ जनयुद्ध लड़ा। इस जनयुद्ध में उच्च-स्तर से लेकर जमीनी-स्तर के अधिकारियों का ख़ास योगदान भी रहा है।”

(अखिल पाराशर, चाइना मीडिया ग्रुप)

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