दूसरी चीन-पाकिस्तान सामरिक वार्तालाप आयोजित

2020-08-22 16:23:42
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21 अगस्त को चीनी स्टेट काउंसलर एवं विदेश मंत्री वांग यी ने चीन के हाईनान प्रांत के बाओथिंग में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के साथ दूसरी चीन-पाकिस्तान सामरिक वार्ता आयोजित की।

इस अवसर पर वांग यी ने कहा कि चीन और पाकिस्तान सदाबहार सहयोग साझेदार हैं, दोनों के बीच उच्च राजनीतिक आपसी विश्वास कायम है। एक दूसरे को समर्थन देना दोनों देशों के संबंधों की श्रेष्ठ परम्परा है। चाहे अंतर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय परिस्थिति में कोई भी परिवर्तन क्यों न आए, चाहे सामने किस तरह की मुसीबतें व चुनौतियां क्यों न आएं, फिर भी पाकिस्तान के प्रति चीन की नीति में कोई परिवर्तन नहीं आएगा। दोनों को इस श्रेष्ठ परम्परा को विरासत में लेते हुए उसे विकसित करना चाहिए।

वांग यी ने जोर दिया कि हालिया परिस्थिति में चीन और पाकिस्तान को समन्वय और सहयोग को मजबूत कर दोनों देशों के समान सामरिक हितों की रक्षा करनी चाहिए और क्षेत्रीय शांति, स्थिरता व विकास के लिए समान योगदान प्रदान करना चाहिए। दोनों पक्ष सख्त नियंत्रण की पूर्वशर्त में कदम ब कदम व्यक्तियों की आवाजाही की बहाली कर सकते हैं, एक साथ अंतर्राष्ट्रीय महामारी रोकथाम के सहयोग को बढ़ा सकते हैं और उच्च स्तरीय संपर्क और घनिष्ट सामरिक संपर्क को बनाए रखकर द्विपक्षीय संबंधों का विकास कर सकते हैं।

वहीं कुरैशी ने कहा कि चीन और पाकिस्तान के संबंधों का दृढ़ सामरिक आधार है। पाकिस्तान चीन के साथ टीके के विकास समेत विभिन्न सहयोग करना चाहता है और महामारी के राजनीतिकरण का विरोध करता है। पाकिस्तान चीन के साथ विज्ञान, तकनीक, कृषि, वित्त, सूचना, आपदा राहत आदि क्षेत्रों के सहयोग गहरा करना चाहता है।

दोनों नेताओं ने अफगान आदि अंतर्राष्ट्रीय व क्षेत्रीय सवालों पर गहन रूप से बातचीत भी की।

दूसरी चीन-पाकिस्तान सामरिक वार्तालाप के बाद चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दोनों देशों ने यह मंजूरी दी कि बेल्ट एंड रोड के सहनिर्माण को तेज करेंगे। दोनों पक्ष निर्मित प्रॉजेक्टों को पूरा करने, और अधिक रोजगार के अवसर देने, जन-जीवन में सुधार करने, उद्योग उद्यानों का निर्माण करने, मानव संसाधन का प्रशिक्षण करने, गरीबी उन्मूलन, चिकित्सा और कृषि आदि के क्षेत्रों के सहयोग को मजबूत करेंगे, ताकि साझे विकास और प्रगति पा सकें।

अफगान समस्या की चर्चा में वांग यी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि चीन को आशा है कि अफगानिस्तान के विभिन्न पक्ष अफगान समस्या का राजनीतिक हल करने के कारगर प्रस्ताव की खोज कर सकेंगे। अफगानिस्तान की अंदरुनी वार्ता के बारे में चीन ने पाँच सुझाव पेश किये। पहला, अफगान समस्या के हल के लिए एकमात्र रास्ता है वार्तालाप। विभिन्न पक्षों को राजनीतिक समाधान पर कायम रहना चाहिए। दूसरा, अफगानिस्तान के भाग्य को अफगान जनता के हाथ में होना चाहिए। किसी भी देश या व्यक्ति को अफगान समस्या के बहाने व्यक्तिगत लाभ नहीं लेना चाहिए। तीसरा, वार्तालाप के विभिन्न पक्षों को समान प्रयास से व्यापक दलों की भागीदारी वाले राजनीतिक ढांचे की स्थापना करनी चाहिए। साथ ही आतंकवादियों पर प्रहार करना चाहिए और शांतिपूर्ण और मैत्रीपूर्ण विदेशी नीति अपनानी चाहिए। चौथा, युद्ध अफगानिस्तान की सबसे बड़ी चुनौती है, साथ ही अफगानिस्तान के पास गरीबी, शरणार्थी, मादक पदार्थ आदि मुश्किलें भी मौजूद हैं। इसलिए विभिन्न पक्षों को साथ मिलकर सभी चुनौतियों का सामना करने की जरूरत है। पांचवां, अंतर्राष्ट्रीय समुदाय और इस क्षेत्र के देशों को वार्ता से शांति की प्राप्ति करने को प्रेरित करना चाहिए। विदेशी सैन्य शक्ति को सुव्यवस्थित रूप से हटाना चाहिए, ताकि अफगान मसले का सही ढंग से हल निकाला जा सके।

वांग यी ने जोर दिया कि अफगानिस्तान का पड़ोसी देश होने के नाते चीन यह आशा करता है कि अफगानिस्तान में शांति व स्थिरता को साकार किया जा सकेगा। चीन पहले की ही तरह अफगानिस्तान के विभिन्न पक्षों के इरादों का पूरा सम्मान करने के आधार पर अफगानिस्तान की शांतिपूर्ण सुलह प्रक्रिया का समर्थन करेगा, मध्यस्थता करेगा और सुविधा प्रदान देगा।

(श्याओयांग)

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