नवारो की बातों से अमेरिका का निर्णयात्मक तंत्र विफल जाहिर

2020-08-15 17:09:18
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अमेरिकी राष्ट्रीय व्यापार आयोग के निदेशक पीटर नवारो ने हाल में प्रेस से कहा कि महामारी की रोकथाम में अमेरिकी लोगों की नकारात्मक भावना चीन पर केंद्रीत की जानी चाहिये, और इससे अमेरिका वर्तमान दुविधा में से मुक्त हो जाएगा। नवारो की बातों से लोगों को हैरानी हुई, क्योंकि महामारी की रोकथाम पर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने के लिए नवारो ने उन्माद में बकवास करना शुरू किया है।

इधर के दिनों में अमेरिका में नये कोरोना वायरस महामारी के पुष्ट मामलों की संख्या पचास लाख पार कर गयी है और मृतकों की संख्या भी 1.6 लाख से अधिक रही। महामारी फैलने की गंभीर स्थितियों और नजदीक होने वाले आम चुनाव से नवारो जैसे आदमियों को पागल बनाया गया है।

उधर विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से महामारी की रोकथाम में एकता से काम करने की बार-बार अपील की है। लेकिन वाशिंग्टन में राजनेताओं का ध्यान इस पर नहीं, पर अपने राजनीतिक हितों के लिए दूसरों के सिर पर दोष मढ़ना है।

अमेरिकी रोग नियंत्रण केंद्र के प्रधान रॉबर्ट रेडफिल्ड ने हाल ही में यह चेतावनी दी कि यदि लोग मास्क पहनने और सामाजिक दूरी बनाए रखने जैसे उपायों का पालन न करें, तो अमेरिका सार्वजनिक स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से इतिहास में "सबसे खराब शरद ऋतु" का अनुभव करेगा।

नवारो की बातों से न सिर्फ व्हाइट हाउस के अधिकारियों के नैतिक मानकों की निचली रेखा साबित है, बल्कि वह अमेरिका के राजनीतिक इतिहास में एक नया मजाक भी है। लेकिन लोगों की चिन्ता यह है कि व्हाइट हाउस में नवारो जैसे और कुछ राजनेता हैं। दुनिया में एकमात्र महाशक्ति होने के नाते महामारी की रोकथाम के लिए अमेरिका के पास पर्याप्त शक्ति प्राप्त होनी चाहिये था। लेकिन नेतागण की गलती से आम लोगों को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

( हूमिन )

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