माइक पोम्पेओ की राष्ट्रपति बनने की कुआकांक्षा बढ़ी

2020-08-13 19:58:13
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अमेरिका के प्रसिद्ध राजनयिक ब्रेज़्जिंस्की के बेटे मार्क ब्रेज़्जिंस्की ने हाल ही में हमारे संवाददाता से बातचीत करते हुए कहा कि अब अमेरिका के राजनयिक दायरे में अवसरवादी व्यक्ति जगह-जगह हैं, पर पेशेवर वाले का कोई स्थान नहीं है। यह सच है और इन अवसरवादी व्यक्तियों की पंक्ति में माइक पोम्पेओ भी नजर आ रहे हैं।

माइक पोम्पिओ ने महामारी की रोकथाम तथा घरेलू संकट के सामने कोई कार्य क्षमता नहीं दिखा सका, पर चीन के खिलाफ जबरदस्त कदम उठाने से लोगों का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। सत्ता के सिंहासन की ओर अभियान करने के लिए माइक पोम्पिओ ने राजनयिक कर्तव्य और लोगों के हितों को पाँवों तले रौंद दिया और यह एक खुला गोपनीय है कि माइक पोम्पिओ की आंखें वर्ष 2024 के राष्ट्रपति चुनाव की ओर है। अमेरिकी मीडिया ने भी माइक पोम्पिओ की आलोचना करना शुरू किया है कि उन्होंने राजनयिक ड्यूटी के बजाये अपना ध्यान घरेलू मामलों पर खींचा है।

अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट है कि माइक पोम्पिओ और उनकी पत्नी ने वर्ष 2018 से ही नियमित तौर पर सार्वजनिक निधियों के जरिये रात्रिभोज का आयोजन किया, जिसमें जो भाग लेते रहे हैं, वे सब व्यापार, मीडिया और मनोरंजन उद्योग के दिग्गज हैं। लोगों में यह आवाज सुनी जा रही है कि माइक पोम्पिओ ने सरकारी संसाधन से अपने लिए समर्थक एकत्र किया ताकि वह एक दिन राष्ट्रपति की सिंहासन पर बैठ सके।

यही नहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कई महीने पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्रालय के जनरल इंस्पेक्टर को बर्खास्त किया, जिन्होंने अधिकार का दुरुपयोग करने के लिए पोम्पिओ की जांच की। और यहां एक और बात हुई कि जब वर्ष 2016 में माइक पोम्पिओ ने अपनी पार्टी के आरंभिक चुनाव में राष्ट्रपति उम्मीदवार ट्रम्प को "तानाशाही" बताया। लेकिन आम चुनाव के बाद माइक पोम्पिओ अमेरिकी राष्ट्रपति का सबसे वफादार समर्थक बना।

माइक पोम्पिओ ने सर्वोच्च नेता की सिंहासन पर बैठने के लिए राजनयिक कर्तव्य और व्यावसायिकता को बरामद किया। अमेरिकी मीडिया सीएनएन और न्यूयार्क टाइम्स ने भी कहा कि पोम्पिओ ने अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रतिष्ठा, जिसका निर्माण अमेरिकी राजनयिकों ने कई सदियों की सेवा से किया था, को नष्ट कर दिया है। इतिहास में अमेरिकी राजनयिक ज्यादातर पेशेवर ज्ञान और समृद्ध अनुभव प्राप्त राजनेता हैं। उनमें किसिंजर, ब्रेंट स्काउक्रॉफ्ट और ब्रेज़्जिंस्की आदि मशहूर राजनयिकों ने चीन और अमेरिका के बीच पुल स्थापित किया था। लेकिन आज माइक पोम्पिओ ने अपने राजनीतिक हितों के लिए संपर्क और आदान प्रदान को बाधित करने की दीवार खड़ी की। अगर माइक पोम्पिओ जैसे कुआकांक्षा वाले अवसरवादी अमेरिका की चीन नीति तय करे, तो अमेरिका के तमाम आम लोगों को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।

( हूमिन )

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