विश्व शांति के लिए और बड़ा योगदान देगी चीनी सेना

2020-08-01 18:57:05
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1 अगस्त को चीनी जन मुक्ति सेना की स्थापना की 93वीं जयंती है। पिछले 93 सालों में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व में चीनी सेना ने जातीय स्वतंत्रता, जनता की मुक्ति और नये चीन की स्थापना और देश की प्रभुसत्ता, सुरक्षा और विकास हितों की रक्षा करने में भारी योगदान दिया है। साथ ही, चीनी जन मुक्ति सेना ने विश्व शांति व स्थिरता की रक्षा करने में अहम भूमिका अदा भी की।

जैसे कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने कहा कि चीनी सेना का परम कर्तव्य है जनता को सदैव अपने दिल में रखना और जनता के हितों का रक्षक बनना। इस साल की शुरूआत में कोविड-19 के प्रकोप के समय चीनी सेना ने चिकित्सक शक्ति को तुरंत वुहान भेजी। चीनी सेना के कुल 4000 से अधिक चिकित्सकों ने वुहान में महामारी के मुकाबला कार्य में हिस्सा लिया। और तो और चीनी सेना ने कोविड-19 के मरीजों का उपचार करने वाले हुओशनशान अस्पताल का प्रबंध भी किया, जबकि उनके बीच कोई पुष्ट मामला सामने नहीं आया, जो एक रिकोर्ड भी है।

महामारी पर कारगर रूप से नियंत्रित करने के बाद दक्षिण चीन के अनेक स्थलों में भारी वर्षा से बाढ़ आयी है। चीनी सेना फिर एक बार बाढ़ रोकथाम के अग्रिम मोर्चे में देखी गई है। जहां खतरा है, वहां चीनी सैनिक जरूर होते हैं। उन्होंने यथार्थ कार्यवाइयों से जनता की सेवा करने के वचन का पालन किया है।

इसके अलावा, चीनी सेना विश्व शांति की रक्षक भी है। नये चीन की स्थापना के 71 सालों में चीन ने कोई युद्ध या सशस्त्र मुठभेड़ नहीं छेड़ा है, किसी भी देश पर आक्रमण नहीं किया है और सदैव रक्षात्मक प्रतिरक्षा नीति अपनाती रही है। इस साल चीन के संयुक्त राष्ट्र संघ के शांति मिशन में भाग लेने की 30वीं वर्षगांठ है।

अभी तक चीनी सेना यूएन के कुल 26 शांति मिशनों में हिस्सा ले चुकी है और चीन ने 40 हजार से अधिक शांति सैनिक भेजे हैं। दसियों चीनी सैनिकों ने शांति मिशन के लिए अपनी जान न्योछावर कर दिया है। साथ ही 2008 के दिसम्बर माह से अभी तक चीनी नौसेना के सैनिकों ने क्रमशः 12 सालों के लिए अदन खाड़ी में एस्कॉर्ट मिशन में लगे थे और प्रबल रूप से समुद्री जहाजरानी की व्यवस्था की रक्षा की है। 2015 के मार्च यमन की परिस्थिति में गंभीर होते समय चीनी नौसेना ने इथियोपिया, सिंगापुर, इटली, जर्मनी, ब्रिटेन, कनाडा आदि 200 से अधिक प्रवासियों के यमन से हटाने में मदद की। 2014 में पश्चिम अफ्रीका में इबोरा महामारी के प्रकोप के बाद चीनी सेना ने क्रमशः छह बार चिकित्सक टीमों को लीबिलिया आदि देश जाकर महामारी का मुकाबला कार्य में हिस्सा लिया और अंतर्राष्ट्रीय मानवतावाद राहत आदि क्षेत्रों अहम भूमिका अदा की है।

हाल में विश्व में भारी परिवर्तन आया है। कोविड-19 ने विश्व व्यवस्था पर गहरा प्रभाव डाला है। बड़े देशों के बीच भू-रणनीति की प्रतिस्पर्धा भी दिन ब दिन तीव्र होती जा रही है। विश्व में अस्थिरता और अनिश्चितता भी बढ़ रही है। मानव साझे भाग्य वाले समुदाय की रचना की सेवा करना नये युग में चीनी प्रतिरक्षा का विश्व अर्थ है। भविष्य में चीनी सेना जनता के हितों की रक्षा करने और विश्व शांति के लिए और बड़ा योगदान प्रदान करेगी।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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