पेइतो नेविगेशन व्यवस्था चीन की नहीं दुनिया की भी है

2020-08-01 18:46:18
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केंद्रीय तकनीक पैसों से नहीं खरीदा जा सकता, बल्कि अपने हाथों में लेकर ही विकास की पहल को मुट्ठी में किया जा सकता है। लंबे समय तक बहुत-से देशों की तरह चीन भी काफी हद तक अमेरिका के ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम पर निर्भर रहता था। चीन द्वारा स्वनिर्मित और स्वचलित पेइतो नंबर-3 वैश्विक उपग्रह नेविगेशन प्रणाली की स्थापना से जाहिर है कि चीन विकास की पहल को पूर्ण रूप से अपनी मुट्ठी में करने में सक्षम है।

हाल के वर्षों में चीन ने बार-बार दुनिया को अपनी बुद्धि और प्रस्ताव दिया है। चीन पहले से ही गहन रूप से अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से जुड़ा है। चीन का विकास दुनिया से अलग नहीं हो सकता, वहीं दुनिया का विकास भी चीन से अलग नहीं हो सकता।

पेइतो नेविगेशन व्यवस्था न सिर्फ चीन की है, बल्कि दुनिया की भी है। और तो और न सिर्फ चीन को सेवा देगी, बल्कि दुनिया भी इस सेवा से लाभ ले सकती है। पेइतो नेविगेशन व्यवस्था की स्थापना के बाद दुनिया भर के ग्राहकों को नेविगेशन, लघु संदेश सेवा (एसएमएस), राहत आदि सेवा मिलेगी। हजारों साल पहले चीनी लोगों ने कंपास का आविष्कार किया था, अब चीनी लोग पेइतो नेविगेशन व्यवस्था से मानव जाति को दिशा दिखा रहे हैं। अब पेइतो व्यवस्था 200 से अधिक देशों और क्षेत्रों के 10 करोड़ से अधिक ग्राहकों को सेवा दे रही है। दुनिया के आधे से अधिक देशों ने पेइतो व्यवस्था का प्रयोग शुरू कर दिया है।

दरअसल, पेइतो व्यवस्था बस दुनिया के लिए चीन का एक योगदान है। हाल के वर्षों में चीन ने एशियाई आधारभूत संस्थापन निवेश बैंक और बेल्ट एंड रोड प्रस्ताव के सहारे क्रमशः दुनिया को सार्वजनिक उत्पाद दिये। चीन ने हाल में यह भी कहा कि अपने द्वारा विकसित कोरोना वायरस के टीके को विश्व सार्वजनिक उत्पाद के रूप में सबसे पहले अफ्रीका जैसे विकासशील देशों को दिया जाएगा। चीन का विकास न सिर्फ चीनी लोगों को लाभ पहुंचाएगा, बल्कि मानव जाति को भी शांति, स्थिरता और समृद्धि दी जाएगी।

(ललिता)

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