कोरोना महामारी से उभरती चीनी अर्थव्यवस्था

2020-07-16 19:38:14
शेयर
शेयर Close
Messenger Messenger Pinterest LinkedIn

कोरोना वायरस महामारी के बाद अब चीन के व्यापार में सुधार आने लगा है, और उसके तमाम उद्योग दोबारा पटरी पर आने लगे हैं। चीन के लगभग सभी क्षेत्रों ने पैसा कमाना शुरू कर दिया है। यानी कि दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अब नये कोरोनावायरस महामारी के कहर से उबरने लगी है। हालांकि, पूरी तरह से सामान्य होने में अभी थोड़ा और वक्त लगेगा, लेकिन देश की विकास दर ने चौथा गेयर डाल दिया है। अब उसका विनिर्माण क्षेत्र तेजी से में उत्पादन बढ़ा रहा है।

आपको याद होगा कि चीन सरकार ने एक करोड़ से अधिक आबादी वाले औद्योगिक शहर वुहान में 23 जनवरी को लॉकडाउन लगा दिया था, ताकि कोरोना वायरस को फैलने से रोका जाए। और कोरोना पर काबू पाकर 8 अप्रैल को वहां से लॉकडाउन हटा दिया। यानी चीन लॉकडाउन करने और खोलने वाला दुनिया का पहला देश है। जहां दिसंबर में महामारी शुरू हुई, तो मार्च में वायरस पर काबू पाने की घोषणा करने के बाद सामान्य व्यावसायिक गतिविधियों को बहाल करना शुरू कर दिया। अब देश में कोरोना वायरस लगभग खत्म हो चुका है, और इसी के साथ देश में उत्पादन, अर्थतंत्र, व्यापार की बहाली में गति देने लगा है।

दरअसल, चीन अपनी अर्थव्यवस्था को गतिमान बनाये रखने के लिए अनेक प्रयास कर रहा है और वृद्धि दर को बनाये रखने के लिए संघषर्रत है। इस साल के पहले 6 महीनों में चीन की अर्थव्यवस्था में काफी गिरावट आयी। कोरोबार, उत्पादन सभी पर बुरा असर पड़ा, लेकिन अब अर्थव्यवस्था उठने लगी है। आर्थिक वृद्धि दर नकारात्मक से सकारात्मक में परिवर्तित हो रही है। बुनियादी आजीविका सुरक्षा मजबूत होने लगी है, और बाजार में मांग भी बढ़ने लगी है। जाहिर है, इससे उत्पादन में तेजी आएगी और देश की आर्थिक हालत सुधरेगी।

आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले 6 महीनों में देश की जीडीपी 456 खरब 61 अरब 40 करोड़ युआन रही, जो पिछले साल की समान अवधि से 1.6 प्रतिशत कम हुई। पहली तिमाही में जीडीपी पिछले साल की समान अवधि से 6.8 प्रतिशत कम हुई, जबकि दूसरी तिमाही में जीडीपी पिछले साल की समान अवधि से 3.2 प्रतिशत बढ़ी। इससे साफ झलकता है कि चीन का अर्थतंत्र वापिस अपनी पटरी पर लौटने लगा है।(अखिल)

शेयर

सबसे लोकप्रिय

Related stories