चीन में रह रहे भारतीयों की नजर में चीन

2020-07-06 16:18:51
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मुंबई मिरर ने हाल में चीन में रह रहे कुछ भारतीयों का इंटरव्यू लिया। एक साथ जानते हैं चीन में उनका जीवन कैसा है।

44 वर्षीय अमित वायकर चीन के शांगहाई स्थित एक कंपनी के मुख्य अधिकारी हैं। उनके पिता सैन्य चिकित्सक हैं और चीन को दुश्मन देश मानते हैं। लेकिन अमित को इस पर शंका है। चीन आने के बाद उनका विचार बिलकुल बदल गया। अमित ने कहा कि चीनी लोग मेहनती हैं और ईमानदार हैं। सबसे महत्वपूर्ण है कि चीनी लोग राजनीति और व्यापार को अलग से देखते हैं। अमेरिका और जापान चीन के सबसे शक्तिशाली राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हैं, पर चीन के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार भी हैं। जबकि भारतीय लोग संबंधों पर ज्यादा महत्व देते हैं। अमित ने कहा कि भारत के प्रति चीनी लोगों की कोई दुश्मनी नहीं है। चीनी मीडिया में चीन-भारत टकराव पर ज्यादा चर्चा नहीं होती। महिलाओं पर चीनी लोगों का सम्मान रवैया अमित और उनकी पत्नी गहन रूप से महसूस करते हैं। अमित ने कहा कि महिला कर्मचारी तड़के 3 बजे हाईवे टोल स्टेशन में काम करती हैं, कभी नहीं डरती। हम भारत में कब ऐसा कर सकेंगे।

डॉ. दीपक हेगड़े दवा कंपनी के मुख्य तकनीकी अधिकारी हैं। वे वर्ष 2007 से चीन के शांगहाई में दवा के अनुसंधान और विकास का काम करती हैं। उन्होंने कहा कि चीन में सृजन, पेटेंट और प्रोत्साहन को महत्व दिया जाता है। इससे चीन की दवा के अनुसंधान में बड़ी क्षमता है। चीनी लोगों की व्यावसायिकता और शिष्टाचार प्रशंसनीय है। हेगड़े ने कहा कि चीनी लोग हमेशा गर्मजोशी से उनके साथ रहते हैं, चाहे चीन-भारत संबंधों में तनाव हो या नहीं।

ए.के.राज का परिवार वर्ष 2013 से चीन में आया। उन्होंने कहा कि शांगहाई में चिकित्सा, शिक्षा और यातायात सब घड़ी की तरह सटीक चलते हैं। आम विचार के विपरीत चीन में भ्रष्टाचार मौजूद नहीं है। ए.के.राज वित्तीय उद्योग में काम करते हैं। उन्होंने कहा कि काम करते समय उन्हें भ्रष्टाचार की समस्या कभी नहीं मिलती। पुलिस कर्मी लोगों को परेशान नहीं करते, टैक्सी चालक अधिक शुल्क नहीं लेते।

वरुण हडकर चीन की राजधानी पेइचिंग की एक टेलीविजन कंपनी में काम करते हैं। वे पेइचिंग का जीवन बहुत पसंद करते हैं। उन्होंने कहा कि चीन के युवा लोग अंग्रेजी जानते हैं, बूढ़े लोग भी विदेशी दोस्तों के साथ बातचीत करना चाहते हैं। भारतीयों की तरह चीनी लोग परिवार पर ध्यान देते हैं।

इन चार भारतीयों ने अपने अनुभव के आधार पर बताया कि चीन में उनका असली जीवन कैसा है। चीन प्राचीन सभ्यता वाला देश है और आधुनिक रास्ते पर तेजी से बढ़ रहा है। चीन ने कई बार दुनिया को बताया है कि चीन शांतिपूर्ण विकास के रास्ते पर हमेशा कायम रहा है। इसके साथ ही चीन विश्व शांति बनाए रखने में जुटा है और विभिन्न देशों के समान विकास को बढ़ावा देता है। चीन और भारत दोनों विकासशील देश हैं। अपना विकास और पुनरुत्थान बढ़ाना हमारा समान कर्तव्य है। इसलिए एक दूसरे का सम्मान करना और समर्थन करना हमारे दोनों देशों के हित के अनुरूप है।

(ललिता)

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