चीनी पठार पर गरीबी उन्मूलन
चीन और भारत दोनों बड़ी जनसंख्या वाले देश हैं। गरीबी की समस्या दोनों देशों के सामने मौजूद एक मुख्य मुद्दा है। भारत सरकार ने गरीबी उन्मूलन के लिए पंचवर्षीय योजना जारी की और चीन ने भी पाँच साल पहले पूरी तरह गरीबी उन्मूलन का लक्ष्य पेश किया। गरीबी उन्मूलन में चीन ने बड़ी उपलब्धि प्राप्त की।
आबा प्रिफेक्चर दक्षिण-पश्चिमी चीन के स्छ्वान प्रांत में स्थित है, जहां तिब्बत और छ्यांग जाति की सघन आबादी है। आबा प्रिफेक्चर में समुद्र की सतह से औसत ऊंचाई 3500 से 4000 मीटर है। खराब मौसम और असुविधाजनक यातायात की वजह से विकास बाधित हुआ।
वर्ष 2016 में चीनी राजकीय यातायात और परिवहन मंत्रालय के समर्थन में आबा प्रिफेक्चर की रांगथांग काउंटी ने करीब 34 किलोमीटर का मार्ग बनाने के लिए 5000 से अधिक युआन की पूंजी लगाई। 2000 से ज्यादा चरवाहों को इससे फायदा मिला है।
आबा प्रिफेक्चर की ली काउंटी के च्याशान गांव ने भी इस मार्ग से लाभ उठाया है। अब गांववासी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से सेब जैसे उत्पादों की बिक्री करते हैं। सालाना आय 2 लाख युआन से अधिक है।
(ललिता)