माइक पोम्पिओ बना अंतर्राष्ट्रीय महामारी-रोकथाम सहयोग में बाधा

2020-06-29 19:54:53
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अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने हाल ही में अफ्रीका के प्रति चीन की सहायता तथा अभी समाप्त चीन-अफ्रीका महामारी रोकथाम शिखर सम्मेलन की आलोचना की।

उधर, अफ्रीकी जनता को यह ज्ञात है कि कौन अफ्रीका का सच्चे माइने में दोस्त है। चीन-अफ्रीका संबंध इतिहास और समय की परीक्षा से गुजरे हैं। महामारी के फैलाव के बाद चीन और अफ्रीका ने एक दूसरे का समर्थन प्रकट किया। हूपेइ प्रांत में रहने वाले तीन हजार अफ्रीकी छात्रों में केवल एक छात्र ही संक्रमित हुआ। अन्य सभी छात्र सही सलामत हैं।

उधर, जब अफ्रीका में महामारी फैलने लगी, तब चीन ने जल्द ही सहायता देना शुरू किया। चीन ने पचास से अधिक अफ्रीकी देशों और अफ्रीका लीग को चिकित्सा सहायता प्रदान की और ग्यारह देशों में अपने चिकित्सा विशेषज्ञ दल भेजे। चीन और अफ्रीका के बीच तीस वीडियो कार्यक्रम आयोजित हुए और चिकित्सा प्रशिक्षण की 400 से अधिक गतिविधियों का आयोजन हुआ। अफ्रीका में तैनात 46 चीनी चिकित्सा दलों ने भी सक्रियता से महामारी की रोकथाम में काम किया। अभी समाप्त चीन-अफ्रीका शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने चीन-अफ्रीका स्वास्थ्य समुदाय की स्थापना करने का सुझाव पेश किया। चीन ने न्यू कोरोना वायरस के खिलाफ टीका के अफ्रीका में सबसे पहले प्रयोग तथा संबंधित अफ्रीकी देशों के कर्ज को रद्द करने आदि का वादा भी किया।

केन्या की सत्तारूद्ध पार्टी के महासचिव राफेल तुजु ने कहा कि चीन सचमुच तौर पर अफ्रीकी जनता के साथ खड़ा है। कांगो के विदेश मंत्री जीन क्लाउड गाकोस्सो ने भी कहा कि मुसीबत की घड़ी में ही सच्चे दोस्त की परक हुई। अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसी फिच का मानना है कि चीन द्वारा अफ्रीकी देशों के कर्ज के बोझ को कम करने से इन देशों में पूंजी प्रवाह पर दबाव को कम करने में मददगार है।

वास्तव में अफ्रीकी जनता ने यह स्पष्ट तौर पर देखा है कि अमेरिकी राजनीतिज्ञ ही अफ्रीका के खिलाफ धमकाने और नस्लीय भेदभाव करने में संलग्न हैं। इनकी आंखों में अफ्रीका समान भागीदार नहीं, बल्कि अमेरिकी आधिपत्य बनाए रखने के लिए औजार ही है। अफ्रीका में अमेरिका का पूंजीनिवेश इसके कुल वैदेशिक निवेश में केवल एक प्रतिशत है और इसे सख्त राजनीतिक शर्त के साथ भी लगा हुआ है। अनेक अफ्रीकी देशों ने यह बता दिया कि महामारी फैलने के बाद उन्हें अमेरिका की तरफ से कोई सहायता नहीं मिल पायी है।

और व्यंग्य की बात है कि माइक पोम्पिओ ने अपने देश में अश्वेत पुरूष फ्लॉयड की मौत पर खामोश रहने के साथ-साथ चीन के खिलाफ नस्लीय भेदभाव की आलोचना की। इसके प्रति अफ्रीकी लीग के अध्यक्ष मोस्सा फाकी महामत ने कहा कि कुछ लोगों द्वारा चीन और अफ्रीका के बीच दरार डालने की कोशिश जरूर ही विफल होगी। उन्होंने कहा कि अफ्रीका और चीन दोस्त हैं। किसी भी चीज से अफ्रीका और चीन के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को बदला नहीं जाएगा।

 ( हूमिन )

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