कोरोना के ज्यादा मामले होना ‘सम्मान’ की बात है, वाकई?

2020-06-28 19:17:40
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कोरोना वायरस का कहर लगातार अमेरिका में जारी है। कोविड-19 की वजह से अमेरिका में पिछले 24 घंटे में 45242 नए मामले सामने आये। एक दिन में नए मामलों की यह सर्वाधिक संख्या है। इससे संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 25 लाख 50 हजार से अधिक हो गई है। जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय द्वारा बताए गए आंकड़ों के अनुसार अमेरिका में अब तक 1 लाख 27 हजार से ज्यादा पीड़ित दम तोड़ चुके हैं। कोरोना संक्रमित रोगियों और उससे मौत के मामलों में अमेरिका अभी भी शीर्ष पर बना हुआ है।

लेकिन इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने उस बयान से सबको चौंका दिया था जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका में कोरोना वायरस संक्रमण दुनिया में सबसे ज्यादा होना ‘सम्मान की बात’ है क्योंकि इससे पता चलता है कि कोरोना वायरस को लेकर किये जा रहे परीक्षण दूसरों से बेहतर है। राष्ट्रपति ट्रंप तो इसे एक ‘सम्मान के तमगे’ के तौर पर देखते हैं। उन्हें इस बात पर गर्व है कि उनके देश में कोरोना के काफी मामले हैं। दरअसल, अपने बयान से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यह साबित करना चाहते थे कि उन्होंने कोरोना के खिलाफ जंग में बड़ी कार्रवाई करते हुए परीक्षण को बड़े स्तर तक ले गए हैं।

जाहिर है, उनके इस बयान की जमकर आलोचना भी हुई। राष्ट्रपति ट्रम्प कहीं न कहीं यह भूल गये कि देश में कोरोना के कई लाख से ज्यादा मामले आना पूरी तरह से उनके नेतृत्व की असफलता है, हो सकता है कि वो जानबुझकर अपनी असफलता पर पर्दा डालना चाह रहे हो। देखा जाए तो अमेरिका का परीक्षण रिकॉर्ड अच्छा नहीं है। फरवरी-मार्च में कोरोना के मामले आने शुरू हुए, ऐसे में अब तक हुए परीक्षण पर्याप्त नहीं हैं।

यदि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी आधारित एक वैज्ञानिक प्रकाशन पर नजर डालें तो अमेरिका परीक्षण के आधार पर काफी पीछे है। यह प्रत्येक 1 हजार लोगों के परीक्षण के मामले में दुनिया में 16वें स्थान पर है। सूची में अमेरिका आइसलैंड, न्यूजीलैंड, रूस, कनाडा जैसे देशों से पीछे है। पिछले एक हफ्ते में अमेरिका रोजाना 3 से 4 लाख परीक्षण कर रहा है। जबकि हार्वर्ड ग्लोबल हेल्थ इंस्टीट्यूट की माने तो अगर अमेरिका को अपनी अर्थव्यवस्था को जल्द पटरी पर लाना है तो हर दिन कम से कम 50 लाख टेस्ट करने की जरूरत है।

बहरहाल, इस समय पूरी दुनिया में 99 लाख से अधिक लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। इस महामारी से अब तक लगभग 5 लाख लोगों की मौत हो चुकी है। मैं समझता हूं कि कोरोना वायरस से न सिर्फ लोगों की मौतें हो रही हैं, बल्कि इसकी वजह से काफी लोग दो वक्त की रोटी के मोहताज भी हो गए हैं क्योंकि कोरोना की वजह से भारत समेत विश्व के कई देशों में आर्थिक गतिविधियां पूरी तरह से सामान्य नहीं हुई हैं, जिसके कारण लोगों के सामने पेट पालने की समस्या पैदा हो गई है।

(लेखक : अखिल पाराशर, चाइना मीडिया ग्रुप के संवाददाता हैं)

 

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