क्वेईचाउ की सैनतू काउंटी : गरीबी उन्मूलन में गैर भौतिक विरासत की अहम भूमिका

2020-06-13 16:52:40
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दक्षिणी चीन के क्वेईचाउ प्रांत की सैनतू काउंटी के बैनकाउ गांव में गांव वासियों द्वारा स्व-निर्मित एक संग्रहालय है जहां इस क्षेत्र में रहने वाली श्वेई जातीय पारंपारिक संस्कृति प्रदर्शित है।

बैनकाउ गांव को "श्वेई जातीय मावेई कढ़ाई का जन्म स्थान" माना जाता है। इस के अलावा बैनकाउ गांव में श्वेई जातीय मावेई कढ़ाई कार्यालय और श्वेई जातीय पर्यटन कंपनी स्थापित किये गये जहां गांव की लगभग सभी महिलाओं ने हिस्सा लेकर काम किया है। और बैनकाउ गांव के नजदीक एक निवास क्षेत्र में रहने वाली सैंकड़ों महिलाएं भी मावेई कढ़ाई उद्योग में शामिल हुई हैं।

अभी तक सैनतू काउंटी में लगभग बीस हजार महिलाओं को मावेई कढ़ाई उद्योग से संबंधित 80 से अधिक कारखानों में रोजगार मौके मिले हैं। एक हजार से अधिक गरीब परिवारों को इससे मदद मिली है। कढ़ाई के अलावा सैनतू काउंटी में जातीय संस्कृति एवं बिजनेस स्ट्रीट का निर्माण हुआ जहां सुलेख, पेंटिंग, आभूषण, वेशभूषा और सींग की नक्काशी आदि पर्यटन स्थल स्थापित किये गये हैं।

सैनतू काउंटी के श्वेई जातीय अनुसंधान शाले के प्रधान ने कहा कि श्वेई जातीय सांस्कृतिक संसाधनों के विकास से स्थानीय लोगों के लिये गरीबी उन्मूलन के लिए आध्यात्मिक सहारा और आर्थिक मूल्य तैयार किया जा सकता है। सैनतू काउंटी में खुशहाल समाज के निर्माण में श्वेई जातीय संस्कृति की विशेष अहम भूमिका साबित होगी।

( हूमिन )

 

 

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