चीनी विदेश मंत्रालय :तथाकथित "हार्वर्ड यूनिवर्सिटी पेपर" बिल्कुल निराधार

2020-06-11 19:35:47
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अमेरिका की एबीसी समाचार कंपनी की रिपोर्ट के अनुसार एक तथाकथित "हार्वर्ड यूनिवर्सिटी पेपर" ने चीन के वुहान शहर के कुछ अस्पतालों के आसपास यातायात तथा कीवर्ड खोज के माध्यम से यह निष्कर्ष निकाला है कि कोविड-19 का फैलाव गत वर्ष के अगस्त से वुहान में शुरू हुआ। इस बात को लेकर चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ह्वा छुनईंग ने कहा कि इस पेपर की बहुत स्पष्ट और निम्न स्तरीय कमजोरियां मौजूद है। अमेरिका में कुछ व्यक्तियों ने जानबूझकर चीन के खिलाफ झूठी सूचना जारी की है।

10 जून को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इस पेपर को लेकर कहा कि यह तर्कसंगत नहीं है कि केवल अस्पताल के पास पार्किंग गाड़ियों की संख्या के अनुसार नये कोरोना वायरस संबंधी निष्कर्ष निकाला जाए। चीनी प्रवक्ता ने भी कहा कि हार्वर्ड विश्वविद्यालय के पेपर का कोई निश्चित सबूत नहीं है। पर अमेरिकी राजनीतिज्ञों ने इसे चीन द्वारा महामारी को छुपाने के सबूत के रूप में अपना दिया। जो हास्यास्पद है। प्रवक्ता ने यह सुझाव पेश किया कि इस पेपर के लेखकों को अमेरिका के फोर्ट डेट्रिक लैब के बन्द होने के बाद अमेरिका में हुए ई-सिगरेट की बीमारी, फ्लू और नई कोरोना निमोनिया महामारी के बीच के संबंधों का अनुसंधान करना चाहिये। उधर ऐसे संबंधों के प्रति कोई भी स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच-पड़ताल और रिपोर्टिंग नहीं की गयी है।

( हूमिन )

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