महासागर पर शी चिनफिंग की विचारधारा

8 जून को विश्व महासागर दिवस के रूप में मनाया जाता है। चीन एक बड़ा सागर देश है, जिसका समुद्री क्षेत्रफल थलीय क्षेत्रफल का एक तिहाई भाग है। चीन के 18 हजार किलोमीटर लम्बी समुद्री तट पर दसियों बंदरगाह शहर स्थित हैं। एक शक्तिशाली समुद्री देश का निर्माण के लिए चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की निम्नलिखित विचारधाराएं हैं।
शी चिनफिंग ने कहा कि हमें सागर का ख्याल रखना है, सागर को जानना है और सागर का प्रबंध करना है। 2018 के 12 अप्रैल को शी चिनफिंग ने दक्षिण चीन के हाईनान प्रांत का निरीक्षण दौरा करते समय कहा कि चीन एक बड़ा सागर देश है। चीन का समुद्री क्षेत्रफल बहुत विशाल हैं, इसलिए चीन को शक्तिशाली समुद्री देश का निर्माण तेज करना चाहिए।
2018 के 12 जून को शी चिनफिंग ने उत्तरी चीन के छिंगताओ शहर का निरीक्षण दौरा करते समय कहा कि समुद्री अर्थतंत्र और समुद्री तकनीक भविष्य में एक प्रमुख क्षेत्र है। सागर के प्रति हमारी बहुत बड़ी निहित शक्ति है।
2013 के 30 जुलाई को शी चिनफिंग ने केंद्रीय पोलित ब्यूरो की एक बैठक में कहा कि हमें आम जनता को हरित, सुरक्षित और विश्वसनीय समुद्री उत्पादन करना चाहिए।
इसके बाद कई बार शी चिनफिंग ने कहा कि हमें जान की तरह सागर का ख्याल रखना चाहिए, देश के समुद्री हितों की रक्षा करनी चाहिए और शांतिपूर्ण विकास के रास्ते में अडिग रहना चाहिए।
2019 के 23 अप्रैल को शी चिनफिंग ने चीन के छिंगताओ शहर में चीनी जन मुक्ति सेना की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ मनाने की गतिविधियों में भाग लेने वाले अनेक देशों के प्रतिनिधियों से मुलाकात के दौरान जोर दिया कि मानव जाति इस नीली पृथ्वी पर रहती है। हमें समुद्र द्वारा विभिन्न अलगाव द्वीपों में नहीं विभाजित करना चाहिए, बल्कि हमें समुद्र द्वारा साझे भाग्य वाले समुदाय के रूप में जोड़ा जाता है। सब देशों का साझा सुरक्षा और खतरा है।
(श्याओयांग)