2020 माउंट एवरेस्ट की ऊँचाई मापने में नवाचार तकनीक का प्रयोग

2020-06-01 13:01:11
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27 मई को सुबह 11 बजे, 2020 चुमूलांगमा पर्वत (माउंट एवरेस्ट) की ऊँचाई मापने की पर्वतारोहण टीम के 8 सदस्य सफलता से माउंट एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचे और माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई मापने का कार्य पूरा किया। ऊँचाई मापने की पर्वतारोहण टीम पर्वत की चोटी पर 150 मिनट तक रही, जिसने चीनी लोगों का इस पर्वत की चोटी पर सबसे अधिक समय तक रुकने का रिकार्ड तोड़ दिया।

इस टीम के प्रमुख कमांडर ली क्वोफंग ने जानकारी देते हुए कहा कि माउंट एवरेस्ट की ऊँचाई मापने के दौरान कई नवाचार तकनीक का प्रयोग किया गया और कुछ वैज्ञानिक लक्ष्यों को पूरा किया गया। मापने की उच्च परिशुद्धता को सुनिश्चित करने के लिए पहली बार पेइतोउ उपग्रह का प्रयोग किया गया। इसके साथ ही चीन में स्वनिर्मित उपकरणों के माध्यम से चोटी पर बर्फ की गहराई और गुरुत्वाकर्षण की माप की गयी। यह मानव जाति का मांउट एवरेस्ट की चोटी पर गुरुत्वाकर्षण मापने का पहला मौका है।

इतिहास में चीन ने 6 बार बड़े पैमाने तौर पर माउंट एवरेस्ट की ऊँचाई को मापने और वैज्ञानिक सर्वेक्षण करने की गतिविधि चलाई। 27 मई 1975 को चीनी पर्वतारोहण टीम के 9 सदस्य दूसरी बार उत्तरी ढलान से माउंट एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचे, उस समय पहली बार माउंट एवरेस्ट की ऊँचाई 8848.13 मीटर मापी गयी। 22 मई 2020 को चीन ने एक बार फिर माउंट एवरेस्ट की चोटी की ऊँचाई को मापने का कार्य शुरु किया। सख्ती से गणना करने पर पता चला कि माउंट एवरेस्ट की ऊँचाई 8844.43 मीटर है।

बता दें कि 25 मई को मानव जाति के उत्तरी ढलान से माउंट एवरेस्ट की चोटी पर चढ़ने की 60वीं वर्षगांठ है। सन् 1975 में माउंट एवरेस्ट की ऊँचाई को सटीक रूप से मापने के बाद सार्वजनिक किए जाने से अब तक 45 साल हो चुके हैं। इस तरह मौजूदा माप गतिविधि का महत्वपूर्ण ऐतिहासिक अर्थ है।

(श्याओ थांग)

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