चीन पर अमेरिका द्वारा लगाये गये आरोप निराधार:अंतर्राष्ट्रीय कानून विशेषज्ञ

2020-05-29 17:29:06
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जब विश्व के विभिन्न देश कोविड-19 महामारी का मुकाबला करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, तो कोई देश चीन की बदनामी करने में व्यस्त है। उन्होंने वायरस को राजनीति व बदनामी से जोड़ना चाहा। उन के खराब व्यवहार पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का ध्यान केंद्रित हुआ। महामारी के प्रकोप के बाद कुछ अमेरिकी राजनीतिज्ञों ने बारी बारी चीन की आलोचना की, यहां तक कि चीन से महामारी के प्रकोप के प्रति जिम्मेदारी लेने का आग्रह भी किया गया। चीन में कई अंतर्राष्ट्रीय कानून विशेषज्ञों ने कहा कि अमेरिकी राजनीतिज्ञों की कथन व कार्रवाई का कोई कानूनी आधार नहीं है। अंत में वे ज़रूर हारेंगे।

चीनी सामाजिक विज्ञान अकादमी के अंतर्राष्ट्रीय कानून अनुसंधान प्रतिष्ठान के अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक कानून कार्यालय के अध्यक्ष प्रोफ़ेसर ल्यू चिनतुंग ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय कानून के आधार पर विभिन्न देशों की प्रभुसत्ता समान है। एक प्रभुसत्ता संपंन देश दूसरे देशों के कानून के नियंत्रण में नहीं होगा। अमेरिका द्वारा चीन पर लगाये गये आरोप ने प्रभुसत्ता की समानता सिद्धांत का उल्लंघन किया है। जो अंतर्राष्ट्रीय कानून की बुनियादी नीति है।

वुहान विश्वविद्यालय के अंतर्राष्ट्रीय कानून अनुसंधान प्रतिष्ठान के प्रधान शाओ योंगफिंग के ख्याल से विज्ञान जगत ने इस बात की पुष्टि की कि कोविड-19 वायरस प्रकृति से आया है। इस वायरस के स्रोत की खोज अभी तक की जा रही है। इस वायरस की मौजूदगी की जिम्मेदारी किसी देश या किसी व्यक्ति पर नहीं डालनी चाहिये। कानून में यह एक अप्रत्याशित घटना है। किसी देश से इसकी जिम्मेदारी लेने का आग्रह नहीं किया जाना चाहिये।

चंद्रिमा

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