कोविड-19 की पृष्ठभूमि में अर्थतंत्र का पुनरुत्थान कैसे करेगा चीन

2020-05-24 18:36:38
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इधर के दिनों में चीन में एनपीसी और सीपीपीसीसी के पूर्णाधिवेश का आयोजन हो रहा है। 23 मई को दो सम्मेलनों में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों और सदस्यों ने इस साल की सरकारी कार्य रिपोर्ट पर चर्चा की। गत वर्ष चीन की आर्थिक व सामाजिक विकास स्थिति कैसी थी?कोविड-19 से निपटने के लिए चीन कौन से कदम उठाकर आर्थिक पुनरुत्थान कर सकता है?ये विषय लोगों का ध्यान खींच रहे हैं।

इस साल की सरकारी कार्य रिपोर्ट में 2019 के कार्य का सिंहावलोकन किया गया, कोविड-19 के प्रकोप के बाद चीन के रोकथाम कार्य का निचोड़ निकाला, हाल में हमारे सामने मौजूद मुसीबतों व चुनौतियों का गहरा विश्लेषण किया और भविष्य के कार्य का प्रबंध किया। रिपोर्ट में कहा गया कि हाल में महामारी खत्म नहीं हुई है, विकास का मिशन अति कठोर है। चीन महामारी से पहुंचाये गये नुकसान को कम से कम करने का प्रयास करेगा और इस साल के विकास लक्ष्य को पूरा करने की कोशिश करेगा। पिछले साल देश विदेश की अनेक मुसीबतों की चुनौतियों के मद्देनजर चीन की जीडीपी वृद्धि दर 6.1 प्रतिशत थी, जो 991 खरब चीनी युआन तक पहुंची।

कोविड-19 की पृष्ठभूमि में अर्थतंत्र का पुनरुत्थान कैसे करेगा चीन

सीपीपीसीसी के सदस्य वांग ईमिंग ने कहा कि यह एक यह एक प्रतिष्ठित घटना है। पिछले साल चीन की जीडीपी 1000 खरब चीनी युआन के नजदीक पहुंची, जो करीब 140 खरब अमेरिकी डॉलर था। यह इस बात का द्योतक है कि चीन में समग्र आर्थिक शक्ति तेज़ी से बढ़ गयी है।

उल्लेखनीय बात यह है कि 2019 के अंत तक चीन की आबादी 1.4 अरब तक पहुंची, इसलिए औसत जीडीपी 10 हजार अमेरिकी डॉलर को पार कर गयी, जो एक नयी छलांग है।

सीपीपीसीसी के सदस्य प्येइ चिल्यांग ने कहा कि 2018 में विश्व में औसत जीडीपी 10 हजार अमेरिकी डॉलर के ऊपर करीब 1.5 अरब आबादी थी, जबकि 2019 में विश्व में यह संख्या करीब 3 अरब आबादी थी, जिस में चीन का बड़ा योगदान है।

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