माइक पोम्पिओ अमेरिका का "राजनीतिक वायरस" है

2020-05-21 19:45:12
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अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने हाल ही में ताइवानी नेता त्साई ईंग वेन के पद ग्रहण को बधाई देने का वक्तव्य जारी किया। यह इधर दर्जनों सालों में पहली बार है कि किसी अमेरिकी विदेश मंत्री ने ताइवानी नेता को ऐसा बधाई संदेश भेजा है। पोम्पिओ की कार्यवाही से गंभीरता से एक चीन के सिद्धांत तथा तीन चीन-अमेरिका विज्ञप्तियों का उल्लंघन किया गया है।

दीर्घकाल तक अमेरिकी राजनीतिज्ञों ने ताइवान को चीन पर दबाव बनाने का औजार बनाया है। महामारी को रोकने में कमजोर होने की स्थिति में पोम्पिओ ने एक बार फिर ताइवान कार्ड खेलना शुरू किया है। अमेरिका द्वारा विश्व स्वास्थ्य महासभा में ताइवान की भागीदारी का समर्थन करने, ताइवान में महामारी की रोकथाम की प्रशंसा करने और ताइवानी नेता को बधाई संदेश देने आदि की कार्यवाइयों से पोम्पिओ समेत अमेरिकी नेताओं की साजिश साबित है। लेकिन एक चीन के सिद्धांत के खिलाफ चुनौती देने की कोशिश व्यर्थ है। अमेरिका द्वारा विश्व स्वास्थ्य महासभा में ताइवानी भागीदारी दिलाने की कोशिश विफल हुई है। लेकिन अमेरिकी राजनीतिज्ञों का वास्तविक मकसद विश्व का ध्यान चीन की ओर खींचना है ताकि अपने देश में गतिरोध को स्थानांतरित किया जाए।

इसके प्रति वाशिंग्टन पोस्ट में प्रकाशित एक लेख ने कहा कि पोम्पेओ के घोटाले से उनकी तेजी से घटती प्रतिष्ठा को नष्ट किया गया है। पोम्पिओ ने दूसरे देश के खिलाफ बिना सबूत के आरोप और साजिश फैलाया जिससे अमेरिका को अंतर्राष्ट्रीय मंच में मजाक बनाया गया। पोम्पिओ के खराब प्रदर्शन से उन्हें अमेरिका के इतिहास में सबसे कम दक्षता विदेश मंत्री का नाम दिया गया है। जर्मनी में किये गये एक लोकमत के मुताबिक महामारी के दौरान अमेरिका के प्रति 73% जर्मनों की बुरी छाप छोड़ी गयी है। उधर इटली में किये गये लोकमत संग्रह का परीणाम है कि अमेरिका के प्रति इतालवी लोगों की समर्थन दर केवल 17% तक गिर पड़ी है।

अभी तक अमेरिका में नये कोरोना वायरस संक्रमित रोगियों की संख्या 15.4 लाख तक जा पहुंची है। मृतकों की संख्या भी 93 हजार तक रही है। महामारी की गंभीरता को अमेरिकी राजनीतिज्ञों द्वारा झूठी बातें फैलायी जाने से भी छुपाया नहीं जा सकता है। और इस बात पर ध्यान देने योग्य है कि हाल में अमेरिकी विदेश मंत्रालय के महानिरीक्षक स्टीव लिनिक को अपने पद से निकाल दिया गया। पोम्पिओ ने यह स्वीकार किया कि उन के सुझाव से स्टीव लिनिक को बर्खास्त किया गया है। उधर अमेरिकी मीडिया के अनुसार स्टीव लिनिक ने इससे पहले माइक पोम्पिओ के अधिकार का दुरुपयोग करने और भ्रष्टाचार में लिप्त होने की जांच-पड़ताल की। एबीसी के रिपोर्ट के अनुसार माइक पोम्पिओ ने अपनी पत्नी के साथ वर्ष 2018 से सार्वजनिक खर्च से नियमित रात्रिभोज दिया। पर इन के रात्रिभोज में उपस्थित अतिथियों में अधिकांश लोग व्यापार, मीडिया और मनोरंजन उद्योगों के दिग्गज रहे थे। उनमें केवल 14 प्रतिशत राजनयिक या विदेशी अधिकारी थे। इसलिए पोम्पिओ की यह आलोचना भी की गयी है कि उन्होंने सरकार के धन से दाताओं और समर्थकों को आकर्षित किया। ताकि एक दिन अमेरिकी सत्ता के शीर्ष पर जा पहुंचने के लिए रास्ता प्रशस्त कर सके।

कहावत है कि उपाय के लिए उपाय होता है। हत्या के बदले फाँसी होती है। पोम्पिओ के खिलाफ इतिहास की निष्पक्ष सुनवाई होगी। उसकी बढ़ती जा रही कुआकांक्षा को जरूर ही विफल बनाया जाएगा।

  ( हूमिन )

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