तिब्बत के ल्हासा शहर में मंदिर धीरे-धीरे खुलने लगे

2020-05-21 15:44:01
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महामारी की वजह से ल्हासा शहर में मंदिर जनवरी महीने के अंत से बन्द हुए। 20 मई से जोखांग मंदिर को छोड़कर ल्हासा शहर के मुख्य मंदिरों को फिर से खोला गया है।

ल्हासा शहर के मीनद्रोलिंग मंदिर के भिक्षु लोसांग तंद्रोप ने बताया कि मंदिर सुबह आठ बजे अनुयायियों के लिए खोला गया है। मंदिर में रोज तीन बार कीटाणुरहित किया जाता है और सामुदायिक कर्मचारी भी सड़कों में दो बार कीटाणुरहित करते हैं।

उधर, ल्हासा शहर के तीन प्रमुख मंदिरों में से एक सेरा मंदिर भी खुला है जहां बड़ी मात्रा के अनुयायी आकर्षित हैं। सेरा मंदिर की प्रबंधन कमेटी के उप प्रधान सोनाम त्सेरिंग ने कहा कि 28 जनवरी से सेरा मंदिर बन्द हुआ और मंदिर के भीतर कीटाणुरहित और महामारी प्रतिरोधी नियम कायम किये गये। सभी भिक्षुओं को मास्क पहनना पड़ता है।

ल्हासा शहर के बौद्ध धर्म सोसाइटी ने 19 मई को यह घोषित किया कि मंदिर के फिर से खुलने के बाद स्थानीय लोग अपना आईडी कार्ड और बाहर के पर्यटक आईडी कार्ड एवं स्वास्थ्य कोड के जरिये मंदिर में प्रवेश कर सकते हैं। महामारी की रोकथाम के लिए अब मंदिरों में अनुयायियों के लिए बड़े पैमाने पर धार्मिक गतिविधियों का आयोजन नहीं किया गया।

( हूमिन )


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