टिप्पणी:अमेरिका द्वारा "ताइवान" मुद्दा चलाया जाने की साजिश विफल होगी

2020-05-19 20:31:00
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73वें विश्व चिकित्सा सम्मेलन का आयोजन 18 और 19 मई को हुआ और इसमें भाग लेने के लिए ताइवान को एक बार फिर अस्वीकृत किया गया। जिससे यह साबित है कि अमेरिकी राजनीतिज्ञों द्वारा ताइवान को विश्व चिकित्सा सम्मेलन में शामिल कराया जाने की साजिश एक बार फिर विफल हुई।

मई माह में अमेरिका ने चीन को तकरीफ दिलाने के लिए ताइवान को विश्व चिकित्सा सम्मेलन में शामिल कराने की निरंतर कोशिश की। अमेरिकी विदेश मंत्रालय और संसद के दोनों सदनों ने विश्व के दूसरे देशों को पत्र भेजा। अमेरिकी सिनेट ने इस संदर्भ में एक प्रस्ताव भी पारित किया। लेकिन वास्तव में अमेरिकी राजनीतिज्ञों के दिल में साफ भी है कि एक चीन के सिद्धांत पर चीन को चुनौती देना व्यर्थ है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अफसर स्टीवन सोलोमन ने कहा कि चीन लोक गणराज्य संयुक्त राष्ट्र व्यवस्था में चीन का एकमात्र ही कानूनी प्रतिनिधित्व करता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन इस सवाल पर संयुक्त राष्ट्र सिद्धांत का पालन करता है। इसी कारण से विश्व चिकित्सा सम्मेलन में ताइवान की भागीदारी को भी संयुक्त राष्ट्र महासभा के नम्बर 2758 प्रस्ताव के मुताबिक निपटाया जाना चाहिये। वास्तव में अमेरिकी राजनीतिज्ञों ने इस सवाल पर ताइवानी अधिकारियों का प्रयोग कर इसे चीनी मुख्य भूमि के खिलाफ कदम करने का एक कारक बनाना चाहा।

और यह भी चर्चा करने योग्य है कि ताइवानी अधिकारियों ने यह दावा किया कि ताइवान के स्वास्थ्य और कल्याण का ख्याल रखने की जरूरत में विश्व चिकित्सा सम्मेलन में भाग लेना चाहिये। लेकिन व्यंग्य की बात है कि महामारी की रोकथाम का जोखिम ताइवानी अधिकारियों द्वारा महामारी की स्थिति के राजनीतिक संचालन से आता है। मिसाल के तौर पर ताइवानी अधिकारियों ने चीनी मुख्य भूमि के प्रति दीवार रखने के साथ साथ पश्चिमी यात्रियों के लिए द्वार खोला जिससे ताइवान द्वीप में महामारी की स्थिति बिगड़ने लगी।

वास्तव में एक चीन के सिद्धांत पर चीनी केंद्र सरकार ने ताइवान के वैश्विक चिकित्सा मामलों में भाग लेने का प्रबंधन किया है। ताइवान को विश्व स्वास्थ्य संगठन की महामारी रोधी प्रणाली में से निकाला नहीं गया। वर्ष 2019 से कुल 24 ताइवानी चिकित्सा वैज्ञानिकों ने विश्व स्वास्थ्य संगठन की गतिविधियों में भाग लिया है। 15 मई तक चीनी केंद्रीय सरकार ने ताइवान क्षेत्र को 152 बार महामारी की सूचनाएं सूचित की हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन की वैज्ञानिक मारिया वान केरखोवे ने कहा कि उन्होंने फरवरी में और 15 अप्रैल को ताइवान के सार्वजनिक सूत्रों के साथ विचारों का आदान-प्रदान किया। ताइवान को महामारी की सूचनाएं प्राप्त होने का मार्ग प्रशस्त है।

( हूमिन )

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