मुझे चीन में अच्छा देखभाल और उपचार मिला है : क्वांगचो में विदेशी मरीज
नाइजीरियाई नागरिक किंग्सले को हाल ही में क्वांगचो 8वें जन अस्पताल से एक महीने का उपचार लेने के बाद छुट्टी मिल गई। उसने कहा,“मुझे चीन में अच्छा देखभाल और उपचार मिला है, मैं चीनी चिकित्सकों का आभारी हूँ।”अब तक क्वांगचो शहर में कोविड-19 महामारी से संक्रमित 41 विदेशी मरीज और 143 लक्षणहीन मरीज उपचार लेकर ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई।
महामारी के दौरान क्वांगचो में विदेशी नागरिकों और स्थानीय लोगों के बीच बिना फर्क वाली स्वास्थ्य गारंटी दी गई। एक खास कार्य दल, रोजमर्रा सेवा, विदेशी मामला संपर्क, आपातकालीन निपटारा जैसी व्यवस्था स्थापित हुई, इसके साथ ही पूरे शहर में 46 विदेशी कार्य स्टेशनों की स्थापना कर सामाजिक समुदायों में सामान्य स्वास्थ्य सेवा को मजबूत किया गया।
मार्च के बाद से लेकर अब तक क्वांगचो के हर सामाजिक समुदाय और निश्चित हॉटल में बहुभाषी जीवन गाइड मुहैया करवाया गया, जिससे विदेशी लोग विस्तृत रूप से हॉटल, सुपरमार्केट और खानपान से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ ही हर एक स्वास्थ्य पर्यवेक्षण केंद्र में दुभाषियों और अनुवाद मशीनों की सेवा उपलब्ध है। इन कदमों से विदेशियों को बड़ी सुविधा मिली है।
वर्तमान में अधिकाधिक विदेशी नागरिक स्वयंसेवक बन चुके हैं। वे महामारी के खिलाफ़ लड़ाई के अग्रिम मोर्चे पर तैनात हैं। तंजानिया समेत 13 देशों से आए 14 विदेशी छात्रों, जो नानफ़ांग चिकित्सा विश्वविद्यालय में पढ़ रहे हैं, ने एक स्वयं सेवा दल की स्थापना की, वे क्वांगचो 8वें जन अस्पताल में लक्षणहीन मरीजों के उपचार के लिए चिकित्सकों की सहायता करते हैं। कुछ दिन पहले, थ्येन-ह सामाजिक समुदाय में सेवा केंद्र ने क्वांगचो शहर में विदेशी स्वयं सेवकों का आदान-प्रदान सम्मेलन आयोजित किया, इसी दौरान अमेरिका, भारत, इटली, फ्रांस आदि 15 देशों के 25 स्वयं सेवकों ने महामारी के मुकाबले के बारे में उनके अनुभव साझा किये।
हाल ही में क्वांगचो स्थित माली की जनरल कौंसल अलीमा दनफ़क्खा गकौ ने एक सम्मेलन में महामारी का मुकाबला करने में चीन की अथक कोशिशों की प्रशंसा की। उन्होंने चीन द्वारा महामारी की रोकथाम करने, उस पर अंकुश लगाने, संबंधित देशों को चिकित्सा सामग्रियां देने आदि कार्रवाइयों का उच्च मूल्यांकन किया और क्वांगचो के दूसरे देशों के साथ मिलकर मैत्री, एकता और सहयोग की मजबूती को लेकर आभार भी जताया।
(श्याओ थांग)