चीनी छात्रों को मिला गौडेन गालिया का जवाबी पत्र

2020-05-14 11:24:39
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पिछले हफ्ते शुक्रवार को मध्य चीन के हूपेई प्रांत की राजधानी वुहान में श्वीक्वांग मिडिल स्कूल के विद्यार्थियों ने चीन में विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि गौडेन गालिया को एक पत्र लिखा।

पत्र में वुहान के विद्यार्थियों द्वारा जीवन के प्रति प्यार, दुनिया में महामारी और मानव जाति के प्रति उनकी देखभाल आदि व्यक्ति की। इस पत्र से चीन में डब्ल्यूअएजओ के प्रतिनिधि कार्यालय में गालिया समेत सभी कर्मचारी प्रभावित हुए।

पत्र में गालिया को पहली बार ताऊ पुकारा गया। उन्हें यह बहुत पसंद आया। पत्र पढ़कर गालिया ने खुद चीनी भाषा में एक जवाबी पत्र लिखकर भेजा।

डाक्टर गालिया को चीन आए हुए दो साल हो चुके हैं। अवकाश के समय वे चीनी भाषा सीखते हैं। लोग सोचते हैं कि चीनी में पत्र लिखना उनके लिए असंभव बात है। लेकिन गालिया ने एक-एक शब्दों से चार पृष्ठों में जवाबी पत्र लिखा।

अपने पत्र में गालिया ने वुहान के श्वीक्वांग मिडिल स्कूल के विद्यार्थियों का आभार जताया और कहा कि कठिन समय में उनका पत्र अपने लिए एक अन्तरंग उपहार जैसा है, जिससे डब्ल्यूएचओ के चीन में स्थित सभी कर्मचारी प्रभावित हुए। यह पत्र आशा और एकता का प्रतीक है, जो वर्तमान में सारी दुनिया में महामारी का मुकाबला करने के लिए अत्यंत जरूरी है।

गालिया ने कहा कि चीन आने के बाद दो साल हो चुके हैं। इस पत्र से उन्हें पिछले दो साल में अपने साथ काम करने वाले चीनी और वैश्विक जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए पूरी कोशिश करने वाले चिकित्सकों की याद आई। इन चिकित्सकों के साथ काम करना उनके लिए गर्व की बात है। खास कर कोविड-19 महामारी का प्रकोप फैलने के बाद चीन के विभिन्न क्षेत्रों

गालिया ने यह भी कहा कि महामारी का मुकाबला करना हर एक इंसान के लिए चुनौती है। इसी दौरान चीनियों की कठोरता, प्रेम-भावना और दूसरों की सहायता वाली भावना जाहिर हुई। चीनी लोग हर समय दूसरे देशों को सहायता करने को तैयार रहते हैं। गालिया ने कहा कि श्वीक्वांग मिडिल स्कूल के विद्यार्थियों के पत्र से उन्हें आशा महसूस हुई। वे चाहते हैं कि छात्रों जैसे युवाओं के साथ मिलकर एक और सुनहरे भविष्य की स्थापना की जाए।

(श्याओ थांग)

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