शी चिनफिंग के शानशी प्रांत के दौरे के तीन मुख्य बिंदु
कोविड-19 महामारी की स्थिति में चीन कैसे पूर्व निर्धारित लक्ष्य पूरा करेगा। इधर के दिनों में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने उत्तरी चीन के शानशी प्रांत के निरीक्षण दौरे के दौरान मुख्य तौर पर तीन क्षेत्रों की निगरानी की, जो न सिर्फ शानशी प्रांत, बल्कि पूरे देश से संबंधित है। न सिर्फ वर्तमान स्थिति के अनुरूप है, बल्कि भविष्य के लिए भी महत्वपूर्ण है।
पहला, उद्यमों में सुधार और परिवर्तन।
शानशी प्रांत के कोयला उद्योग ने देश के विकास में बड़ा योगदान किया, लेकिन अब विकास की कठिनाई में फंस गया है। शी चिनफिंग ने कहा कि संसाधन आधारित क्षेत्र के आर्थिक विकास में परिवर्तन करना और विविध व्यवसाय होने की संरचना स्थापित करना शानशी प्रांत के आर्थिक विकास में मौजूद मुख्य मुद्दे हैं।
शानशी चीन में पहला राष्ट्र स्तरीय परीक्षण प्रांत है, जो संसाधन आधारित क्षेत्र के आर्थिक विकास में परिवर्तन करने का प्रयास करता है। शानशी प्रांत ने वर्ष 2017 में सुधार का मिसाल क्षेत्र स्थापित किया। उद्देश्य है कि सुधार और परिवर्तन करने का अनुभव इकट्ठा किया जाएगा, ताकि देश के अन्य क्षेत्र भी सीख सकें।
12 मई को मिसाल क्षेत्र के राजनीतिक सेवा केंद्र में शी चिनफिंग ने सृजन उत्पादों का प्रदर्शन देखा। क्षेत्र में स्थित थाईकांग स्टेनलीस स्टील सूक्षम स्ट्रिप कॉर्परेशन लिमेटिड में शी चिनफिंग ने कहा कि सुधार और परिवर्तन के दौरान शानशी को सही रास्ते पर कायम रहना चाहिए। शानशी का कारगर कदम अन्य प्रांतों के लिए सीखने योग्य है।
दूसरा है, पारिस्थितिक पर्यावरण संरक्षण।
शी चिनफिंग ने शानशी प्रांत की राजधानी थाईयुआन में फन नदी के चिनयांग भाग का दौरा किया। उन्होंने नदियों की घाटी पर बहुमुखी सुधार और पारिस्थितिकी पर्यावरण बेहतर बनाने के बारे में रिपोर्ट सुनी।
शी चिनफिंग ने घाटी पर आराम और व्यायाम कर रहे निवासियों के साथ बातचीत करते हुए कहा कि पहाड़, नदी, वायु और शहर में पर्यावरण को सुधारने का काम साथ में बढ़ाना चाहिए, ताकि थाईयुआन में सुंदर और समृद्ध दृश्य फिर से आए।
तीसरा है, गरीबी उन्मूलन की उपलब्धि।
शानशी के निरीक्षण दौरे में शी चिनफिंग ने सबसे पहले गरीबी उन्मूलन की उपलब्धियों की निगरानी की। 11 मई को उन्होंने जैविक पीले-फूल मानकीकृत रोपण आधार क्षेत्र का दौरा किया। शी चिनफिंग ने कहा कि पार्टी को नागरिकों को प्राथमिकता देना चाहिए और ठोस काम करना चाहिए। ताकि गांववासियों की आय लगातार बढ़ सके।
(ललिता)