इस वक्त शी चिनफिंग ने शानशी प्रांत के ता थोंग का दौरा क्यों किया

2020-05-12 16:49:16
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चीन में नेशनल पीपुल्स कांग्रेस और चीनी जन राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन के वार्षिक सत्र से पहले चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने फिर उत्तर चीन के शानशी प्रांत का दौरा किया ।इधर के दो महीनों में उन्होंने चार प्रांतों का दौरा किया है ।शानशी की यात्रा का पहला पड़ाव ता थोंग है। उनका ध्यानाकर्षक मुद्दा पूर्व लाभ संभालकर कैसे नया अध्याय जोड़ना है ।

शी चिनफिंग सब से पहले युनचो जिले के ऑगैनिक डेलिली मानक रोपण केंद्र पहुंचे ,जहां लहलहाती डेलिली नजर आ रही हैं ।युनचो जिला अत्यंत गरीब पहाड़ी क्षेत्र था ।पर वहां डेलिली के रोपण का इतिहास 600 साल से अधिक पुराना है । डेलिली खाने और दर्शन करने के योग्य है ।

इधर कुछ सालों स्थानीय किसानों को डेलिली रोपण से गरीबी के चंगुल से छुटपारा मिला है। अब युन चो जिले में डेलिली के रोपण का क्षेत्रफल 1 लाख 70 हजार मू (लगभग 11 हजार 3 सौ 22 हेक्टर )है और उत्पदान मूल्य 70 करोड़ युआन हो चुका है।

रोपण अड्डे में शी चिनफिंग ने खेती कर रहे किसानों के साथ स्नेहपूर्ण बात की ।शी ने बताया कि डेलिली व्यवसाय का उम्दा भविष्य होगा ।हमें इस व्यवसाय का अच्छा विकास करना चाहिए ताकि डेलिली लोगों का जीवन बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएं।

अब सानशी की सभी 58 गरीब काउंटियों को गरीबी से निजात मिली है और गरीबी दर 0.1 प्रतिशत के नीचे आ चुकी है । शी चिनफिंग के मौजूदा पड़ताल का मुख्य विषय गरीबी उन्मूलन की उपलब्धि को मजबूत करना है ।

शी चिनफिंग का दूसरा पड़ाव युनचो जिले के शी पिंग कस्बे का फांग छंग शिन छुन है ,जो स्थानांतरण से बना नया गांव है ।गांव में मुख्य तौर पर डेलिली व्यवसाय का विकास किया जाता है ,इस के अलावा वन और मोटे अनाज का रोपण है ।पिछले साल के अंत में इस गांव के सभी परिवारों को गरीबी से निजात मिली है । शी चिनफिंग ने पाइ लीचुन नामक किसान के परिवार को देखा ।31 वर्षीय पाइ के परिवार की सालाना आय करीब 70 हजार युआन पहुंच चुकी है।

शी चिनफिंग की यात्रा का तीसरा पड़ाव युनकांग गुफा है ,जो चीन की तीन बड़ी गुफाओं में से एक है ।युनकांग गुफा का इतिहास 1600 साल पुराना है और वर्ष 2001 में विश्व सांस्कृतिक धरोहरों में शामिल हुआ । शी चिनफिंग ने बताया कि युनकांग गुफा चीनी संस्कृति की विशेषता और विदेशों के साथ सांस्कृतिक आदान प्रदान के इतिहास को प्रतिबिंबित करती है । वह मानव सभ्यता की अनमोल धरोहर है। हमें संरक्षण को प्राथमिकता देने के आधार पर उस का अध्ययन और प्रयोग करना चाहिए।

गतवर्ष शी चिनफिंग ने मकाओ गुफा का दौरा किया था ।मकाओ गुफा से य़ुकान गुफा तक शी चिनफिंग की यात्रा से यह जाहिर हुआ है कि अतीत को न भूलने से ही भविष्य निर्मित किया जा सकता है ।


(वेइतुंग)

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