शी चिनफिंग और उनकी मां

2020-05-11 11:59:37
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“मां के हाथ में धागा,बेटे के शरीर पर वस्त्र। घर से निकलने से पहले बनाती हैं, बेटे के देर से घर लौटने पर चिंतित होती है। कौन कहता है कि बेटे के घास जैसे छोटे मन में, मां के प्यार को चुका सकूंगा।”साल 2015 के वसंतोत्सव की पूर्वसंध्या में आयोजित एक सत्कार समारोह में राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने भाव विभोर होकर थांग राजवंश में कवि मंग च्याओ की“घर से बाहर जाने वाले पुत्र का गीत”शीर्षक कविता सुनाई।

माता-पिता दुनिया में सबसे ज्यादा प्यार देते हैं, और पुत्र-पुत्री को आज्ञाकारी होना चाहिए।

मां होने के नाते, बच्चे का सुख और उसकी सुरक्षा उनके लिए सबसे अच्छी बात है। शी चिनफिंग की माता जी छी शिन चाहती हैं कि उनका बेटा देश और जनता के प्रति ज्यादा उत्तरदायित्व और जिम्मेदारी निभाएंगे। शी चिनफिंग अपनी मां की दी हुई शिक्षा को कभी नहीं भुलते।

जब शी चिनफिंग पांच-छह वर्ष की उम्र के थे, तो उनकी माता जी ने उन्हें पीठ पर उठाकर सोंग राजवंश के महानायक य्वे फ़ेई की चित्र-पुस्तक खरीद कर दी।

घर लौटने के बाद मां ने शी चिनफिंग को य्वे फ़ेई की“देश की भक्ति और वफादार”और“य्वे फ़ेई के पीठ पर मां द्वारा सुई से देशभक्त शब्द अंकित”आदि कहानियां सुनाईं।

“मैंने कहा कि पीठ पर सुई से शब्द अंकित करना बहुत दर्द है। मां ने कहा हां, जरूर दर्द है। लेकिन इससे मन में हमेशा के लिए याद हो जाएगा।” तभी से देशभक्त और वफादार वाले शब्द शी चिनफिंग आज तक याद करते हैं और यह उनकी जिंदगी की खोज भी बन गई।

माता छी शिन को हमेशा से सरल जीवन जीने की आदत रही है। वे राष्ट्र नेता शी चोंगश्वुन की पत्नी होने के बावजूद भी कोई विशेषाधिकार व विशेष सुविधा का वहन नहीं किया। उनके घर में कोई नर्स नहीं बुलाई गई और न ही पति की हैसियत से खुद को लाभ पहुंचाया। उन्होंने उप प्रधान मंत्री की पत्नी की हैसियत से केवल एक बार विदेशी मामला गतिविधि में भाग लिया। चीन लोक गणराज्य में सबसे कठिन काल में, वे हर महीने समय पर चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की सदस्यता की फीस देती थीं।

शी परिवार में बच्चों को सख्त शिक्षा देने और सरल जीवन बिताने की पारिवारिक शैली अपनाई जाती है। चाहे कितनी भी थकान हो, माता छी शिन अपने कार्य को हमेशा से महत्व देती आयी हैं। मां होने के नाते वे सदैव अपने बच्चों के लिए एक आदर्श की मिसाल बनती हैं। पारिवारिक शैली से शी चिनफिंग भी सरल जीवन बिताते हैं।

शी चिनफिंग के पश्चिमोत्तर चीन के शेनशी प्रांत के उत्तर में कामकाज करने के दौरान छी शिन ने अपने बेटे के लिए एक थैला बनाया, जिस पर“मां का दिल”तीन लाल शब्दों की कढ़ाई की।

उत्तरी शेनशी के ल्यांग च्या-ह में कामकाज के दौरान शी चिनफिंग ने अपनी माता जी को निराश नहीं किया। सात सालों में ग्रामीण जीवन से उनके और उत्तरी शेनशी गांववासियों के बीच घनिष्ठ और गहरा संबंध कायम हुआ।

ल्यांग च्या-ह से रवाना होने के समय उन्होंने“मां का दिल”कढ़ाई वाले थैले को स्मृति के रूप में पड़ोसी चांग वेईफांग को भेंट की। उन्होंने कहा कि मैं चला गया हूँ, लेकिन मेरा दिल यहां छोड़ दिया है। ल्यांग च्या-ह शी चिनफिंग की प्रारंभिक इरादा शुरु होने का स्थल बन गया।

साल 2001 के वसंत त्योहार के दौरान, माता छी शिन ने शी चिनफिंग से फोन पर बात की, उस समय वे फूच्येन प्रांत के गवर्नर थे। उस साल वसंतोत्सव में शी चिनफिंग अपने घर वापस नहीं लौटे थे।

बेटे के कामकाज की वजह से घर वापस नहीं लौट सकने की खबर सुनकर माता छी शिन निराश नहीं हुई, बल्कि खुश हुई थीं। उन्होंने अपने बच्चे से कहा था कि तुम्हारा अपने काम को अच्छी तरह से करना तुम्हारे मां और पिता के प्रति सबसे बड़ी आज्ञाकारी भावना है। यह न केवल तुम्हारे परिवार के प्रति जिम्मेदारी है, बल्कि तुम्हारे खुद के प्रति भी जिम्मेदारी है।

शी चिनफिंग के ऑफिस में माता-पिता और परिजनों के साथ खींची हुई कई फोटो हैं, जिनमें से एक फोटो में उन्होंने अपनी मां का हाथ पकड़ा हुआ है। शी चिनफिंग अपनी मां से बहुत प्यार करते हैं और हमेशा मां का कहना मानते हैं। कभी वे अपनी मां के साथ खाना खाने के बाद उनका हाथ पकड़कर घर के बाहर टहलने जाते हैं, तो कभी वे अपनी मां के साथ बातचीत करते हैं।

(श्याओ थांग)

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