टिप्पणी : अमेरिका में कुछ व्यक्ति असली छिपाने के संदर्भ में "ग्रांड मास्टर" ही हैं

2020-04-10 20:19:42
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अमेरिका में कुछ व्यक्तियों ने हाल ही में चीन के खिलाफ यह अफवाह फैलायी कि चीन ने नये कोरोना वायरस महामारी के मृतकों की असली संख्या छिपायी है। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने 8 अप्रैल को एक बार फिर चीन को यह बदनाम किया। चीनी विदेश प्रवक्ता ने तुरंत ही इसका खंडन किया।

लेकिन जनवरी माह में ही अमेरिकी डाक्टर हेलन झू ने अमेरिका में महामारी फैलने के खतरे पर चेतावनी दी। और फरवरी में जांच रिपोर्ट अमेरिका की निगरानी संस्था को रिपोर्ट दी गयी। लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने उन्हें खामोश करने का आदेश दिया। 2 मार्च को अमेरिकी रोग नियंत्रण केंद्र ने पुष्ट रोगियों की जांच करने और मृतकों के आंकड़े घोषित करना बन्द किया। उधर, अमेरिकी सीनेट के कुछ सांसदों ने चुपचाप अपने शेयर बेच दिये। जिससे आम लोगों में क्रोध पैदा हुआ।

एबीसी की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2019 के नवम्बर में अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के तहत एनसीएमआई ने अपनी रिपोर्ट में यह चेतावनी दी कि किसी संक्रमण का चीन के वुहान में प्रसार किया जा रहा है, जो चीन और अमेरिका दोनों के लिए आपत्तिजनक घटना हो सकेगी। लेकिन हाल ही में एनसीएमआई ने इस रिपोर्ट के अस्तित्व को नकार दिया।

1 अप्रैल को अमेरिका के तीन अज्ञात खुफिया अधिकारियों ने कहा कि महामारी के प्रति चीन के आंकड़े अस्ली नहीं है। लेकिन उन्हों ने अपना निष्कर्ष कैसे निकाला, यह बिल्कुल अस्पष्ट है। वास्तव में चीन सरकार ने 21 जनवरी से प्रति दिन महामारी के नवीनतम आंकड़े प्रकाशित किये। अमेरिका द्वारा चीन की तरफ से महामारी की सूचना और डेटा ग्रहित करने का मार्ग प्रशस्त है। अमेरिका के चिकित्सा वैज्ञानिकों ने फरवरी में विश्व स्वास्थ्य संगठन के दल में भाग लेकर चीन का दौरा किया। चीन द्वारा प्रकाशित महामारी की सूचनाएं काफी पारदर्शिक है।

उधर, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने उसी दिन भी चीनी डेटा को की गयी निराधार आलोचना को खारिज किया। विश्व स्वास्थ्य संगठन के वरिष्ठ अधिकारी माइकल रयान ने कहा कि चीन समेत अनेक क्षेत्रों में वैज्ञानिक सबतों से आधारित सूचनाएं प्रकाशित की जा रही हैं। इसलिए किसी देश को असहयोग या अपारदर्शी का दोष लगाना सही नहीं है।

और यह भी चर्चा करने योग्य है कि चीन ने इसीलिए दो महीनों के भीतर महामारी को नियंत्रित किया है कि चीन ने सख्ती से वैज्ञानिक कदम उठाया है। अनुसंधान के मुताबिक वुहान शहर को बन्द करने से कम से कम 7.1 लाख व्यक्तियों को संक्रमण से बचाया गया है। इससे यह जाहिर है कि चीन का कदम प्रभावित है।

अभी तक अमेरिका में महामारी के रोगियों की संख्या 4.5 लाख तक जा पहुंची है और मृतकों की संख्या 16 हजार तक जा पहुंची है। अपना दोष दूसरे के सिर पर मड़ने की कोशिश व्यर्थ है। और दूसरे को बदनाम लगाने से समय नहीं बच सकेगा। आशा है कि अमेरिका में कुछ राजनीतिज्ञ ठंडे दिमाग से आदमियों की जान बचाने के सही रास्ते पर काम करेंगे।

( हूमिन )

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