सर्वोच्च चीनी नेता ने नये कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ लड़ाई का नेतृत्व किया

2020-04-08 16:30:43
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नये कोरोना वायरस महामारी नये चीन के इतिहास में सबसे गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बनी है। महामारी की रोकथाम के लिए चीन ने सबसे सख्त और संपूर्ण रोकथाम और नियंत्रण कदम उठाये और भारी कीमत से स्थितियों में सुधार लाया है। चीन के सर्वोच्च नेता ने महामारी की रोकथाम का खुद भी नेतृत्व किया है।

7 जनवरी को चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने पार्टी की अहम बैठक में महामारी की रोकथाम का विन्यास किया। 20 जनवरी को उन्हों ने यह आदेश दिया कि जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देना चाहिये। और समय पर महामारी की स्थितियां जारी रखना तथा अंतर्राष्ट्रीय सहयोग पर जोर देना चाहिये। इसके बाद चीनी राष्ट्रपति ने फ्रांस, जर्मनी के नेताओं के साथ फोन पर बातचीत करते हुए चीन की अंतर्राष्ट्रीय सहयोग करने की उम्मीद जतायी।

23 जनवरी को वुहान शहर को बन्द किया गया। उसी दिन दस बजे से हवाई अड्डे और रेल स्टेशन को बन्द किया गया। 28 जनवरी को राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने पेइचिंग में विश्व स्वास्थ्य संगठन के महा निदेशक टेड्रोस से भेंट के दौरान कहा कि चीन सरकार हमेशा खुले और पार्दशिता के साथ महामारी की स्थितियां जारी करती है और विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा को बनाये रखने को तैयार है। 7 फरवरी को शी ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ फोन पर बातचीत करते हुए कहा कि चीन न केवल अपने देश की जनता, बल्कि विश्व की जनता की जानी सुरक्षा और स्वास्थ्य की रक्षा कर रहा है। चीन ने खुले और पार्दशिता के साथ विश्व स्वास्थ्य संगठन तथा अमेरिका सहित देशों व क्षेत्रों को स्थितियों को साझा किया और अंतर्राष्ट्रीय विद्वानों को वुहान का दौरा करने के लिए निमंत्रित किया। फरवरी में शी ने अलग अलग तौर पर इंडोनेशिया, कतर अमीरात, मलेशिया, पाकिस्तान, दक्षिण कोरिया, फ्रांस और ब्रिटेन आदि देशों के सर्वोच्च नेताओं के साथ फोन पर बातचीत की और महामारी की रोकथाम पर विचार विमर्श किया।

मार्च माह में शी ने महामारी की रोकथाम पर अनुसंधान संस्थान का दौरा किया और संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुटेरेस आदि के साथ फोन पर बातचीत करते हुए कहा कि चीनी जनता ने अपने कठोर प्रयासों से विश्व भर की महामारी रोकथाम के लिए मूल्यवान समय बचाया और महत्वपूर्ण योगदान पेश किया। चीन दूसरे देशों के साथ दवा और टीके के अनुसंधान में सहयोग करने को तैयार है और चीन भी महामारी से ग्रस्त देशों को सहायता दे रहा है। चीन ने विश्व स्वास्थ्य संगठन को दो करोड़ अमेरिकी डालर दान प्रदान किया। 26 मार्च को शी ने जी 20 के महामारी की रोकथाम पर विशेष वीडियो शिखर सम्मेलन में भाग लिया और व्याख्यान देते हुए कहा कि महामारी के फैलाव के प्रति अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को विश्वास, एकता और कल्पना चाहिये। चीन समान भाग्य मानव समुदाय की विचारधारा के मुताबिक दूसरे देशों को यथासंभव सहायता देगा। शी ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के महा निदेशक टेड्रोस के पत्र का जवाब देते हुए कहा कि चीन ने 80 से अधिक देशों और संगठनों को सहायता प्रदान की है। फिर शी ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ एक बार फिर फोन पर बातचीत करते हुए कहा कि चीन हमेशा से खुले और पार्दशिता से महामारी की स्थितियां जारी की और फोस्ट टाइम्म पर ही वायरस जीन अनुक्रम की जानकारी दी। चीन दूसरे देशों को यथासंभवतः सहायता करेगा।

( हूमिन )


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