वायरस की रोकथाम में बुद्धि की जरूरत

2020-04-08 11:22:25
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हाल के कई दिनों में कोविड-19 महामारी के निरंतर फैलाव के अलावा लोगों का ध्यान और एक बात पर केंद्रित हुआ है कि चीन व अमेरिका दोनों देशों के थिंक टैंक के सौ व्यक्तियों ने क्रमशः खुला पत्र जारी करके चीन व अमेरिका से सहयोग कर एक साथ महामारी की रोकथाम करने की अपील की। दोनों खुले पत्र इस मौके पर जारी हुए हैं कि एक पक्ष में कोविड-19 का प्रकोप विश्व भर में फैला है, दूसरे पक्ष में चीन में महामारी की स्थिति बेहतर हो गयी है। यह कहा जा सकता है कि क्रूर कोविड-19 के सामने पक्षपात और भेदभाव की कार्रवाई मानव समाज में मिल-जुलकर वायरस की रोकथाम करने के लिये लाभदायक नहीं है।

महामारी के प्रकोप के बाद से कुछ पश्चिमी राजनीतिज्ञों व मीडिया ने लगातार महामारी का राजनीतिकरण करने की कोशिश की। उन्होंने कल्पना व झूठ से चीन पर आरोप लगाया। यहां तक कि विदेशों में चीन द्वारा दी गयी चिकित्सा सहायता को मास्क कूटनीति कहा जाता है। लेकिन वास्तविकता ने गंभीरता से उन राजनीतिज्ञों व मीडिया को सबक दिया है। उन के पक्षपात व भेदभाव ने केवल ज्यादा से ज्यादा जनता को हानि पहुंचायी। इस के विपरीत उन की गलत कार्रवाई से कोविड-19 महामारी के फैलाव में मदद दी गयी। साथ ही महामारी की रोकथाम में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग का आधार भी बर्बाद किया गया है।

चंद्रिमा

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