चीन और अमेरिका के राष्ट्रपतियों के बीच फोन वार्ता

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 27 मार्च को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ फोन पर बातचीत की।
शी चिनफिंग ने जोर दिया कि महामारी के प्रकोप के बाद चीन ने खुलेआम, पारदर्शिता और जिम्मेदार रुख से समय पर डब्ल्यूएचओ और अमेरिका समेत संबंधित देशों को समय पर महामारी और वायरस की जीन संबंधी जानकारी दी। चीन ने विभिन्न पक्षों के साथ रोकथाम और उपचार के अनुभव को साझा किया और अन्य देशों को मदद देने की हरसंभव कोशिश भी की। शी ने कहा कि वायरस की कोई सीमा नहीं है, जो मानव जाति की समान शत्रुता है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय हाथ मिलाकर सहयोग करने से ही इसे पराजित कर सकेगा। 26 मार्च को आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन में अनेक सहमतियां प्राप्त हुई हैं। आशा है कि विभिन्न पक्ष समनव्य और सहयोग को मजबूत कर महामारी के अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को प्रगाढ़ करेंगे, ताकि विश्व अर्थतंत्र की स्थिरता में प्रेरणा शक्ति डाल सके। चीन अमेरिका समेत विभिन्न पक्षों के साथ डब्ल्यूएचओ की अहम भूमिका का समर्थन करेगा, महामारी की रोकथाम की जानकारी और अनुभवों को साझा करेगा और वैश्विक सप्लाई श्रृंखला के खुलेपन, स्थिरता व सुरक्षा को सुनिश्चित देगा।
शी चिनफिंग ने जोर दिया कि हाल में अमेरिका में चीनी विद्यार्थियों समेत अनेक चीनी नागरिक रहते हैं। चीन सरकार उन की जीवन सुरक्षा और शारीरिक स्वास्थ्य पर बड़ा ध्यान देती है। आशा है कि अमेरिका यथार्थ कदम उठाकर उन की सुरक्षा और स्वास्थ्य की रक्षा कर सके।
शी चिनफिंग ने कहा कि हाल में चीन-अमेरिका संबंध एक अहम चौराहे पर रहा है। सहयोग दोनों देशों का एकमात्र सही विकल्प है। आशा है कि अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों का सुधार करने में यथार्थ कार्यवाई करेगा और आपसी सम्मान, सहयोग व साझी जीत वाले संबंधों का विकास करेगा।
फोन बातचीत में ट्रम्प ने कहा कि हाल में अमेरिका और चीन महामारी की चुनौती का सामना कर रहे हैं। उन्हें खुश है कि महामारी के मुकाबले में चीन को सक्रिय प्रगति मिली है। चीन के अनुभव उन के लिए सीखने योग्य है। अमेरिका इस क्षेत्र में चीन के साथ सहयोग करेगा। अमेरिका चीन द्वारा अमेरिका को दिये गये चिकित्सक सामग्री की सप्लाई देने और चिकित्सक क्षेत्र की आवाजाही को मजबूत करने के प्रति आभार प्रकट करता है। उन्होंने सोशल मीडिया में खुलेआम कहा था कि अमेरिकी जनता चीनी जनता का बड़ा सम्मान करती है और चीनी जनता को बहुत पसंद करती है। चीनी विद्यार्थी अमेरिकी शिक्षा कार्य के लिए अति महत्वपूर्ण है। अमेरिका चीनी विद्यार्थियों की रक्षा जरूर करेगा।
दोनों नेताओं ने समान रुचि वाले सवालों पर संपर्क बरकरार रखने पर सहमति भी प्राप्त की।
(श्याओयांग)