टिप्पणी:महामारी निवारण कार्य का अंतर्राष्ट्रीय समुदाय द्वारा मूल्यांकन
18 फरवरी को चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अलग अलग तौर पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के साथ फोन पर बातचीत की। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने चीन में महामारी निवारण कार्य का निष्पक्ष मूल्यांकन और समर्थन किया।
अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने चीन में महामारी रोकथाम कार्यों को प्रोत्साहन दिया है। बीते एक महीने में आठ देशों के नेताओं ने राष्ट्रपति शी चिनफिंग को संदेश भेजकर अपनी संवेदना प्रकट की। 160 से अधिक देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के नेताओं ने संदेश या पत्र भेजा। दर्जनों देशों की सरकारों और जनता ने चीन की सहायता की। शी चिनफिंग ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की सहायता का आभार प्रकट किया। फ्रांस और ब्रिटेन के नेताओं के साथ फोन पर बातचीत करते समय शी चिनफिंग ने यह बताया कि चीन में महामारी को रोकने वाले कदमों का सकारात्मक परीणाम नज़र आ रहा है। चीन इस वर्ष के आर्थिक और सामाजिक विकास का लक्ष्य साकार करने में सक्षम है। चीन खुले और पारदर्शी रुख़ से अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथ सहयोग करता रहेगा।
आंकड़े बताते हैं कि 18 फरवरी तक हूपेइ प्रांत को छोड़कर चीन के भीतरी इलाकों के दूसरे राज्यों में मरीज़ों की संख्या 15 दिनों के लिए गिरती रही है। उधर दूसरे देशों और क्षेत्रों में पुष्ट मरीज़ों की संख्या कुल संख्या के एक प्रतिशत से कम है। यह ज़ाहिर है कि चीन में उठाये गये सख्त कदमों से सिर्फ़ अपने देश नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा की गयी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के महासचिव ने भी कहा है कि चीन द्वारा दिया गया बलिदान वैश्विक महामारी रोकथाम के लिए बहुमूल्य है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने भी चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ फोन पर बातचीत में इस की प्रशंसा की। उधर ब्रिटेन, जर्मनी, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों और क्षेत्रों के 27 वैज्ञानिकों ने मशहूर मेडिकल जर्नल लैनसेट (Lancet) में वक्तव्य जारी कर साज़िश के कथन का खंडन किया। उन्होंने महामारी की रोकथाम के लिए संघर्ष करने वाले चीनी वैज्ञानिकों के प्रति अपना समर्थन प्रकट किया।
वर्तमान में जब चीन में महामारी की रोकथाम में उल्लेखनीय प्रगतियां प्राप्त होने लगी हैं तब चीन के विभिन्न क्षेत्रों में उत्पादन की बहाली भी संपन्न हुई है। चीनी नेता ने भी अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के समक्ष यह वचन दिया कि चीन इस वर्ष के विकास लक्ष्य को साकार करने को लेकर संकल्पबद्ध है। क्योंकि चीन के पास मज़बूत आर्थिक लचीलापन, व्यापक घरेलू मांग और औद्योगिक आधार प्राप्त है। यह चीन के आर्थिक विकास के लक्ष्य को साकार करने की नींव तो है, बल्कि विश्व की आर्थिक वृद्धि का स्रोत भी है। विश्व में दूसरा बड़ा अर्थतंत्र और विनिर्माण केंद्र होने के नाते चीन जब जल्द ही महामारी को खत्म करेगा, तब वैश्विक उद्योग श्रृंखला की भी शीघ्रता से बहाली हो सकेगी।
ब्रिटेन-चीन व्यापार संघ के प्रधान मैथ्यू राउस ने हाल ही में कहा कि हालांकि चीन महामारी की रोकथाम के कुंजीभूत काल में से गुज़र रहा है, ब्रिटेन और चीन के बीच दीर्घकालीन सहयोग की संभावना नहीं बदलेगी। उधर ब्रिटेन के “ द 48 ग्रुप क्लब” के अध्यक्ष स्टीफ़न पेर्री ने कहा कि चीनी जनता ने इससे और अधिक मुसीबतों और मुश्किलों को हराया था। महामारी से चीनी अर्थतंत्र को मंदी वाली अर्थव्यवस्था बताने का कथन विफल हो जाएगा।
महामारी की रोकथाम में एकता और विश्वास का विशेष महत्व साबित है। चीन ने अपनी जनता की शक्ति से महामारी का सामना किया है और साथ ही चीन को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की समझ और समर्थन भी हासिल है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने शी चिनफिंग को बताया कि फ्रांस विश्व स्वास्थ्य संगठन के पेशेवर राय का समादर करता है। फ्रांस ने चीन की महामारी पर निष्पक्ष प्रतिक्रिया की। वुहान शहर में स्थित फ्रांसीसी दूतावास अभी तक काम कर रहा है। वैश्विकरण के युग में कोई भी देश अकेले खतरे का सामना नहीं कर सकता। महामारी जरूर ही खत्म होगी और एकता एवं आपसी मदद की भावना से सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए नए अवसर पैदा होंगे।
( हूमिन )