सूचना:चाइना मीडिया ग्रुप में भर्ती

टिप्पणी : अमेरिका अंतरराष्ट्रीय महामारी निवारण सहयोग में बाधा डालता है

2020-02-05 16:17:53
शेयर
शेयर Close
Messenger Messenger Pinterest LinkedIn

इधर के दिनों में, चीन में नये कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए हर संभव कोशिशें की जा रही हैं, साथ ही अंतर्राष्ट्रीय समुदाय भी चीन को लगातार सहायता दे रहा है। लेकिन विश्व में सबसे उन्नतिशील चिकित्सीय तकनीक प्राप्त अमेरिका ने चीन को कोई वास्तविक मदद नहीं दी। इसके विपरित अमेरिका ने सबसे पहले वुहान शहर में अपना कांसुलेट स्टॉफ को वापस बुलाया और सबसे पहले अपने देश में चीनी नागरिकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की।

अमेरिका की अत्याधिक प्रतिक्रिया से विश्व स्वास्थ्य संगठन के सुझाव का उल्लंघन हुआ है और इससे अंतरराष्ट्रीय महामारी निवारण सहयोग में बाधा उत्पन्न हुई है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चीन के नये कोरोना वायरस संक्रमण को “अंतर्राष्ट्रीय रूप से चिंतित सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात मामला" तय कर घोषित किया। उसका उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय संसाधन जुटाकर स्वास्थ्य प्रणाली और सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षमता कमजोर होने वाले देशों को आवश्यक अंतरराष्ट्रीय सहायता प्रदान करना है। साथ ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चीन द्वारा उठाये गये कदमों की प्रशंसा की और अंतर्राष्ट्रीय यात्रा और व्यापार पर प्रतिबंध न लगाने का सुझाव पेश किया।

लेकिन स्वास्थ्य प्रणाली और सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षमता पर्याप्त होने के बावजूद अमेरिका ने अत्याधिक प्रतिक्रिया अपनायी है। उसने चीन को युद्धग्रस्त देशों के वर्गीकरण में शामिल किया और चीन में यात्रा चेतावनी को उच्चतम स्तर तक घोषित किया है। इसे लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक ने सभी देशों से यह अपील की कि वे अंतर्राष्ट्रीय यात्रा और व्यापार पर अनावश्यक हस्तक्षेप न करें और कहा कि ऐसा करने से शंका और पक्षपात का विचार बढ़ेगा और इससे सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होगा। वाशिंग्टन पोस्ट ने कहा कि यात्रा प्रतिबंध जो तथ्यात्मक सबूतों पर आधारित नहीं हैं, लगाने से अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियमों का उल्लंघन होता है।

उधर, शिकागो ट्रिब्यून में प्रकाशित एक लेख में कहा गया है कि संक्रमण को रोकने के बहाने से ज़ेनोफ़ोबिक कदम उठाना सही नहीं है, संकट के सामने मानवता को नष्ट नहीं करना चाहिये। लेकिन अमेरिका ने "नई अलगाववाद" और "अमेरिकी प्राथमिकता" की नीति अपनाकर नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय सहयोग से दूर रहा है और अंतरराष्ट्रीय महामारी निवारण सहयोग में बाधा डालता है। लेकिन वायरस की कोई सीमा नहीं है। नए कोरोनोवायरस संक्रमण से लड़ने के लिए सभी देशों को सहयोग करने की आवश्यकता है।

खुशीजनक बात है कि इधर के दिनों में संयुक्त राष्ट्र, विश्व बैंक, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष तथा दक्षिणी कोरिया, जापान, ईरान, रूस, ब्रिटेन और फ्रांस आदि ने चीन को राहत सामग्री भेजी। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने अपनी कार्यवाहियों से चीन के कदमों का समर्थन किया। संक्रमण से लड़ने में चीन अकेला नहीं है। दुनिया के समर्थन, विश्वास और सहयोग से महामारी को जीतने के लिए चीन के आत्मविश्वास और ताकत को मजबूत किया गया है। वैश्वीकरण के युग में दूसरों की मदद करना अपने खुद की मदद करना ही है।

( हूमिन )

शेयर

सबसे लोकप्रिय

Related stories