टिप्पणी :चीन में महामारी के समय पर आर्थिक लाभ ढूंढना सही नहीं

इधर के दिनों में, चीन में नये कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिये कोशिशें की जा रही हैं। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने भी चीन को समर्थन और सहायता दी है, लेकिन अमेरिका के वाणिज्य मंत्री विल्बर एल. रॉस ने यह दावा किया कि चीन में महामारी फैलने से विनिर्माण उद्योग की अमेरिका में वापसी के लिए मददगार है। इस तरह उन्हें "कोल्ड ब्लडेड" और "नीच हरकत" की आलोचना की गयी है।
महामारी मानव के सामने समान चुनौती है। चीन सरकार ने महामारी के खिलाफ संघर्ष के लिये कड़े कदम उठाए हैं, जो अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियम की आवश्यकताओं से अधिक है। इनका उद्देश्य सिर्फ चीनी जनता नहीं, बल्कि सारी दुनिया की जनता की रक्षा करना है।
लेकिन उधर अमेरिका ने चीन को कोई भी वास्तविक सहायता नहीं दी है, और सबसे पहले चीनी नागरिकों के प्रवेश पर पाबंदी लगाने की घोषणा की। अमेरिकी वाणिज्य मंत्री के बयान से कुछ अमेरिकी राजनीतिज्ञों की नैतिकता और सहानुभूति का अभाव तथा अत्यंत स्वार्थी होने की प्रवृत्ति साबित हुई।
लेकिन अमेरिकी वाणिज्य मंत्री को बुनियादी अर्थशास्त्र की जानकारी नहीं है। 19वीं शताब्दी के अर्थशास्त्री डेविड रिकार्डो ने कहा था कि तुलनात्मक लाभ के आधार पर उद्योगों का अंतर्राष्ट्रीय विभाजन करने से ही आपसी लाभ और उभय-जीत हासिल की जा सकेगी। चीन के पास 1.4 अरब जनसंख्या वाला विशाल बाजार है और लाखों करोड़ों उच्च गुणवत्ता वाले श्रम मौजूद है। चीन को प्राप्त आधुनिक बुनियादी उपकरण, सबसे पूर्ण विनिर्माण उद्योग और पूर्ण औद्योगिक एवं आपूर्ति श्रृंखला से चीन और अमेरिका के बीच आर्थिक सहयोग की नींव रखी गयी है। वर्तमान महामारी के बावजूद चीनी अर्थतंत्र पर जो बुरा प्रभाव है, वह अल्प समय के लिए है। चीनी बाजार की शक्ति दीर्घकाल तक चलेगी। आंकड़े बताते हैं कि 2 फरवरी तक चीन में 188 विदेशी कारोबारों ने एक अरब से अधिक युआन दान किया, जिससे यह जाहिर है कि ये कारोबार चीन के पक्ष में खड़कर काम करने को तैयार है।

अमेरिका में विनिर्माण उद्योग का ताल्लुक है कि अमेरिका में शक्तिशाली बुनियादी उपकरण और पूर्ण उत्पादन चैन नहीं है। दूसरी तरफ अमेरिका में विनिर्माण उद्योग की प्रतिभाओं का अकाल भी है। वर्ष 2019 के अगस्त तक के आंकड़े के मुताबिक अमेरिकी विनिर्माण नौकरियों की वैकेंसी रेट 3.6% तक रही। इसी वर्ष की दूसरी तिमाही में अमेरिका की जीडीपी में विनिर्माण उद्योग के वर्धित मूल्य का अनुपात 11 प्रतिशत रहा। इसलिए यद्यपि विनिर्माण उद्योग की वापसी होती है, तब भी अमेरिका में ऐसे उद्योग का ग्रहण करने की गुंजाइश नहीं है।
चीन सरकार ने महामारी को रोकने के लिए अनेक कदम उठाये हैं। 3 और 4 फरवरी को चीनी केंद्रीय बैंक ने बाजारों में 17 खरब युआन नकदी प्रवाह डाला, जिससे वित्त बाजार को आश्वस्त किया गया है, जिसकी विभिन्न विश्व आर्थिक संगठन ने व्यापक प्रशंसा की है। विश्व बैंक ने यह प्रकट किया कि चीन सरकार द्वारा उठाये गये कदम से महामारी के बुरा प्रभाव को कम किया जाएगा। उधर अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के प्रमुख ने भी कहा कि वे चीनी अर्थतंत्र की सहनशीलता के प्रति काफी विश्वस्त हैं। बेशक महामारी से चीनी अर्थतंत्र के संचालन को नहीं बदला जाएगा।
वर्तमान में चीन में महामारी फैलने की स्थितियां फिर भी गंभीर हैं। लेकिन चीन के पास महामारी के विरूद्ध विजय हासिल करने के लिए काफी विश्वास और संसाधन प्राप्त है। चीन अपनी उच्च गुणवत्ता वाली आर्थिक वृद्धि की गारंटी कर सकेगा।
( हूमिन )