टिप्पणी:महामारी के विरूद्ध काम करने से चीन की शासन क्षमता साबित
इधर के दिनों में जब लोग चीन के वसंत त्योहार की छुट्टियां मना रहे हैं तब चीन में न्यू कोरोनोवायरस निमोनिया की महामारी फैलने लगी है। चीन के वसंत त्योहार परिवहन के मौके पर यह प्रकोप बड़ी तेज़ी से बढ़ी है। पर महामारी के विरूद्ध काम करने से चीन सरकार की शासन क्षमता भी साबित हुई है।
नये चीन की स्थापना से इधर 70 सालों में चीन की सरकार ने देश शासन क्षमता में निरंतर सुधार लाने का प्रयास किया है। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 18वीं राष्ट्रीय कमेटी के तीसरे पूर्णाधिवेशन में चीनी विशेषता वाली समाजवादी व्यवस्था के विकास और शासन क्षमता के आधुनिकीकरण को आगे रुपांतर का आम लक्ष्य तय किया। पार्टी की 19वीं राष्ट्रीय कमेटी ने यह प्रस्तुत किया कि इसी शताब्दी के मध्य तक देश शासन व्यवस्था और शासन क्षमता का आधुनिकीकरण संपन्न किया जाएगा। चीन के वूहान शहर में उत्पन्न न्यू कोरोनोवायरस निमोनिया संक्रमण से 1.4 अरब जनसंख्या वाले बड़े देश में शासन क्षमता का परीक्षण किया गया है। महामारी फैलने के बाद चीन ने देश में विभिन्न क्षेत्रों की शक्तियां एकत्र कर क्रॉस-सेक्टोरल, क्रॉस-रीजनल और क्रॉस-बॉर्डर के सार्वजनिक स्वास्थ्य घटना निपटारण मॉडल की स्थापना में कोशिश की है। इससे चीन में आधुनिक शासन क्षमता की स्थापना को आगे बढ़ाया जाएगा।
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय कमेटी के पोलिट ब्यूरो ने विशेष बैठक बुलाकर महामारी की रोकथाम पर नेतृत्वकारी दल स्थापित किया। महामारी नियंत्रण से संबंधित विभिन्न इकाइयों की तैनाती की गयी। सरकार ने वसंत त्योहार की छुट्टियों की अवधि को लम्बा बनाने की घोषणा की। संक्रमण से ग्रस्त वूहान शहर की सहायता में व्यक्ति, उपकरण और सामग्रियों की आपूर्ति की गारंटी की गयी। वूहान शहर में आपातकालीन अस्थायी अस्पताल का निर्माण शीघ्रता से पूरा किया गया। इन सबसे यह जाहिर है कि चीन में महामारी की रोकथाम करने में सटीकता, कारगरता और पारदर्शिता दिखती है। जनता की जानी सुरक्षा और स्वास्थ्य की गारंटी के लिए महामारी रोकथाम नेटवर्क बनाया जा रहा है।
संक्रमण फैलने के बाद चीन सरकार ने "चीन लोक गणराज्य संक्रामक रोग निवारण अधिनियम" तथा "सार्वजनिक स्वास्थ्य घटना पर आपातकालीन योजना" के मुताबिक कदम उठाये। देश में तीस प्रांतों, स्वायत्त प्रदेशों और केंद्र शासित शहरों में सार्वजनिक स्वास्थ्य घटना पर प्रथम स्तर प्रतिक्रिया लागू की गयी है। इसी के साथ-साथ चीन सरकार ने खुलेपन और पारदर्शिता का सिद्धांत अपनाकर लोगों को महामारी संबंधी जानकारियां जारी कीं। ताकि तथ्यों से अफवाहों को दबाने से आम लोगों का आत्मविश्वास बढ़ाया जाए। 26 जनवरी को पेइचिंग, क्वांगचौ, हांगचौ और नानचींग आदि चार शहरों की सरकारों ने "शहर को बन्द" के अफवाह को तोड़ दिया और लोगों के डर को कम किया गया। साथ ही चीन ने विश्व स्वास्थ्य संगठन को महामारी के बारे में जानकारियों और न्यू कोरोनोवायरस के जीनोम अनुक्रम को साझा किया। विश्व स्वास्थ्य संगठन के महा सचिव डॉ. टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसुस ने चीन सरकार का आभार प्रकट करते हुए कहा कि चीन ने विश्व के स्वास्थ्य में नेतृत्वकारी भूमिका निभायी है और महामारी की रोकथाम में चीन की प्रतिक्रिया खुली, पारदर्शी और तेज है और दूसरे पक्षों के साथ डेटा साझा करना सही है।
यह स्पष्ट है कि वर्ष 2003 में हुए सार्स प्रकोप के मुकाबले में प्राप्त अनुभव से स्थापित महामारी नियंत्रण व्यवस्था से चीन में सार्वजनिक स्वास्थ्य घटनाओं से निपटने की क्षमता बहुत बढ़ी है। विश्व मशहूर चिकित्सा पत्रिका "द लैंसेट" ने इस का मूल्यांकन किया है कि संदिग्ध बीमारों को अलगाव में रखने, रोगियों का निदान और उपचार करने तथा सार्वजनिक प्रचार की गतिविधियां चलाने के कदम से यह जाहिर है कि चीन की प्रतिक्रिया कदम अंतर्राष्ट्रीय मानक तक जा पहुंची है।
आज तक महामारी फिर भी मौजूद है और स्थितियां फिर भी गंभीर हैं। न्यू कोरोनोवायरस निमोनिया का संक्रमण बिल्कुल नया है। इस के प्रति मानव की जानकारियां कम हैं। लेकिन जनता के हितों से संबंधित सवाल पर चीन को कड़ाई से रक्षात्मक कदम उठाना पड़ता है। और स्थितियों के परिवर्तन के अनुसार निरंतर कदम उठाया जाना पड़ेगा।
( हूमिन )