सूचना:चाइना मीडिया ग्रुप में भर्ती

टिप्पणी : क्यों दावोस चीन की आवाज के इंतजार में है

2020-01-23 16:26:04
शेयर
शेयर Close
Messenger Messenger Pinterest LinkedIn

तीन साल पहले चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने दावोस मंच पर आर्थिक वैश्वीकरण की प्रक्रिया का दृढ़ समर्थन करने और बढ़ाने के बारे में महत्वपूर्ण भाषण दिया। तीन सालों में विश्व आर्थिक विकास ने यह साबित कर दिखाया कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग का निर्णय सटीक है और सुझाव सही है। इस साल दावोस विश्व आर्थिक मंच का 2020 वार्षिक सम्मेलन भी चीन की आवाज के इंतजार में है।

विश्व आर्थिक वृद्धि धीमी होने की स्थिति में वैश्वीकरण की प्रक्रिया बढ़ाना दिन ब दिन महत्वपूर्ण होता रहता है। चीनी प्रधानमंत्री हान चंग ने विश्व आर्थिक मंच के 2020 वार्षिक सम्मेलन में कहा कि आर्थिक वैश्वीकरण के सामने मौजूद कठिनाइयों और समस्याओं के निपटारे के लिए मूल रास्ता सहिष्णुतापूर्ण और खुली विश्व अर्थव्यवस्था का समान निर्माण और बहुपक्षवाद पर कायम रखना है। इससे राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा तीन साल पहले किए गए भाषण का सिद्धांत जारी होता है और अंतर्राष्ट्रीय स्थिति में आए बदलाव के बारे में चीन की गहरी सोच भी प्रतिबिंबित होती है।

वर्तमान में विश्व आर्थिक मंदी का दबाव बढ़ रहा है। बहुपक्षवाद और भू-राजनीतिक व्यवस्था के सामने अभूतपूर्व पैमाने पर चुनौतियां मौजूद हैं। विश्व आर्थिक मंच के वैश्विक एजेंडा निदेशक सेबस्टियन बक्कप ने कहा कि आम तौर पर किसी भी चुनौतियों का मुकाबला करने में चीन की नेतृत्व भूमिका में कमी नहीं आ सकती। पिछले कुछ सालों में सुधार और खुलेपन बढ़ाने में चीन द्वारा हासिल उपलब्धि से दुनिया देख सकती है कि चीन ने ठोस कार्रवाई की है। दावोस मंच से आई चीन की आवाज से जाहिर है कि चीन लगातार आर्थिक वैश्वीकरण में योगदान देगा और विश्व अनवरत विकास में मजबूत उम्मीद जगाएगा।

(ललिता)

शेयर

सबसे लोकप्रिय

Related stories