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(इंटरव्यू) चीन और भारत के बीच सहयोग बढ़ाने में युवाओं की अहम भूमिका : हिमाद्रिश सुवन

2020-01-14 11:23:18
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“हिन्दी-चीनी भाई-भाई, जब दोनों भाई एकसाथ एक मंच पर आ जाए, तो भारत का न्यू इंडिया (नव भारत) सपना और चीन का चीनी स्वप्न पूरा किया जा सकता है,” युवा नेताओं का महासंघ (कंफेडेरशन ऑफ यंग लीडर्स) के अध्यक्ष हिमाद्रिश सुवन ने चाइना मीडिया ग्रुप को दिए एक ख़ास इंटरव्यू में यह बात कही।

हिमाद्रिश सुवन ने इंटरव्यू में कहा, “भारत और चीन दो ऐसे देश हैं जिनमें बहुत ज्यादा समानताएं हैं, और असमानताएं बेहद कम हैं। क्यों न उन समनाताओं को आगे बढ़ा जाए। युवा नेताओं का महासंघ इसी मिशन को आगे बढ़ा रहा है।”

उन्होंने अपने महासंघ के बारे में बताते हुए कहा कि भारत में कई ऐसे महासंघ मौजूद थे, जो उद्योग, व्यवसाय, विश्वविद्यालय आदि से संबंधित थे, लेकिन युवाओं के लिए ऐसा कोई महासंघ नहीं था, जिसकी वजह से युवा नेताओं का महासंघ (कंफेडेरशन ऑफ यंग लीडर्स) की स्थापना की गई। आज भारत में करीब 500 युवा संगठनों से संगठित इस महासंघ में 50 हजार युवा सदस्य हैं।

चीन और भारत के बीच सहयोग बढ़ाने में अहम भूमिका निभाने वाले हिमाद्रिश सुवन ने कहा कि उनका चीन के साथ प्रमुख सहभागिता है। उनका महासंघ भारत स्थित चीनी दूतावास के साथ मिलकर दोनों देशों के युवाओं के बीच सहयोग बढ़ा रहा है। समय-समय पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं।

हाल ही में, नई दिल्ली स्थित चीनी दूतावास में दूसरा चीन-भारत संवाद गतिविधि का आयोजन किया गया, जिसमें 150 से अधिक चीनी और भारतीय युवा प्रतिनिधियों ने भाग लिया। हिमाद्रिश सुवन ने कहा कि चीन और भारत के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ मनाने की पहली गतिविधि है।

उन्होंने कहा भारत और चीन के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ मनाने के लिए, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने गत वर्ष 11-12 अक्टूबर को चेन्नई में अपने दूसरे अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के दौरान भारत और चीन में 70 उत्सव गतिविधियों के आयोजन के लिए सहमति जतायी थी। ये गतिविधियां दो सभ्यताओं के बीच ऐतिहासिक संबंधों के साथ-साथ वर्षों में उनके बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों को प्रदर्शित करेंगी।

हिमाद्रिश सुवन ने यह भी कहा कि दूसरा चीन-भारत संवाद गतिविधि में चीनी राजदूत सुन वेइतोंग, भारत के पूर्व विदेश सचिव शशांक भी शामिल हुए। इस गतिविधि के माध्यम से यह संचार किया गया की किस तरह से दोनों देशों की युवा शक्ति को एकसाथ लाकर हम चीन और भारत के बीच युवा सहयोग में वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मौजूदा समय में चीन के 10 प्रतिशत युवा भी उनके महासंघ से जुड़े हैं।

युवा नेताओं का महासंघ (कंफेडेरशन ऑफ यंग लीडर्स) के अध्यक्ष हिमाद्रिश सुवन ने सीएमजी को दिए ख़ास इंटरव्यू में यह भी कहा कि किसी देश को जानने के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है, उस देश में जाना। और इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए उनके महासंघ और चीनी दूतावास ने मिलकर एक योजना शुरू की, जिसका नाम है यूथ-टू-यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम (युवाओं के बीच आदन-प्रदान कार्यक्रम)। इस कार्यक्रम के तहत, भारत से कई प्रतिनिधिमंडल चीन जाते हैं, और चीन से कई प्रतिनिधिमंडल भारत आते हैं। ये प्रतिनिधिमंडल एक दूसरे देशों में जाकर वहां की संस्कृति, खान-पान, समाज आदि के बारे में जानते और समझते हैं।

उनका मानना है कि युवाओं के बीच आदान-प्रदान और सहयोग एक मजबूत नींव का निर्माण करता है और इस तरह एक घनिष्ठ संबंध बनता है। अगर किसी देश को जानना या समझना है तो सबसे महत्वपूर्ण है लोगों से लोगों के बीच मित्रता हो।

(अखिल पाराशर)

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