चीन और म्यांमार के बीच ई-वाणिज्य के सहयोग से दोनों देशों के उद्यमों को लाभ मिला
इंटरनेट खुदरा के चीन में लोकप्रिय बनने के साथ ई-वाणिज्य के विभिन्न मंच भी ज्यादा से ज्यादा बने। बेल्ट एंड रोड पहल के तले चीनी ई-कॉमर्स इस व्यापार तरीके को बेल्ट एंड रोड से संबंधित देशों में प्रसार-प्रचार कर रहे हैं। चीन के युन्नान प्रांत से जुड़े म्यांमार को इससे लाभ मिला है।
गौरतलब है कि चीन और म्यांमार को दो हज़ार से अधिक किलोमीटर की सीमा है। मुसे, ल्वेजे, चिनश्वेहाओ और गानबैदी नाम के चार पोर्टों से दोनों देश बड़ा व्यापार करते हैं। कई सालों पहले उत्तरी म्यांमार के दुकानदारों को नियमित रूप से उन पोर्टों से माल को लेने के लिये गाड़ी से कई सौ किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती थी। लेकिन क्रॉस-बॉर्डर ई-कॉमर्स के विकास से अब वे मोबाइल फ़ोन से यह काम कर सकते हैं।
वर्ष 2019 के 11 दिसंबर को चीन-म्यांमार क्रॉस-बॉर्डर ई-कॉमर्स मंच और मुक्त व्यापार क्षेत्र के ई-कॉमर्स का विकास मंच युन्नान की रेली में आयोजित हुआ। मंच का मुद्दा है सीमा पार व्यापार से विश्व को लाभ मिलेगा। मंच में चीन-म्यांमार क्रॉस-बॉर्डर ई-कॉमर्स के सामने मौजूद मौके और चुनौती, कैसे नीति की श्रेष्ठता से आर्थिक श्रेष्ठता तक बदलना, चीन और म्यांमार के बीच संसाधनों की पूरकता का प्रयोग करके क्षेत्रीय व्यापार को कैसे मज़बूत करना जैसे विषयों पर चर्चा की गयी।
चंद्रिमा


