टिप्पणी:अमेरिका का हांगकांग-संबंधी अधिनियम एक राजनीतिक तमाशा भर ही है
अमेरिका ने 27 नवम्बर को“हांगकांग मानवाधिकार और लोकतंत्र अधिनियम”सामान्य कानून बनने पर मंजूरी देकर“लंबी बांह अधिकार क्षेत्र" से चीन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप किया। यह कानून वास्तव में अमेरिकी राजनीतिज्ञों द्वारा मचाया गया राजनीतिक तमाशा भर ही है। चीन इसका जबरदस्त विरोध करता है।
अमेरिका का“हांगकांग मानवाधिकार और लोकतंत्र अधिनियम”अंतर्राष्ट्रीय कानून और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के मापदंड का उल्लंघन करता है। हांगकांग चीन का विशेष प्रशासनिक क्षेत्र है। हांगकांग का मामला चीन का अन्दरूनी मामला ही है। संयुक्त राष्ट्र चार्टर के धारा नम्बर 2 में दूसरे देश के अन्दरूनी मामलों में हस्तक्षेप नहीं करने का सिद्धांत निर्धारित है। वर्ष 1970 में पारित अंतर्राष्ट्रीय कानून सिद्धांत घोषणा के मुताबिक किसी भी देश या समूह को दूसरे देशों के अन्दरूनी मामलों में हस्तक्षेप करने का अधिकार प्राप्त नहीं है। उधर अमेरिका ने“लंबी बांह अधिकार क्षेत्र" से दूसरे देशों के कारोबारों को दबा दिया और दूसरे देशों के अन्दरूनी मामलों में हस्तक्षेप किया। और अमेरिका के कुछ राजनीतिज्ञों ने हांगकांग के मामलों में टाँग अड़ाकर अपनी हेग्मेनिज्म और पावर पॉलिटिक्स नीति अपनानी चाही। बीते पाँच महीनों में हिंसात्मक अपराधियों ने हांगकांग को बेहाल बनाने के लिए निरंतर हिंसा की आग लगायी। हांगकांग के सामने मौजूद समस्या मानवाधिकार और लोकतंत्र नहीं, बल्कि हिंसा को रोकना और व्यवस्था की बहाली करना है। लेकिन अमेरिका ने चीन के विकास को रोकने के राजनीतिक उद्देश्य से हिंसक तत्वों का समर्थन किया। अमेरिका के“हांगकांग मानवाधिकार और लोकतंत्र अधिनियम” से हांगकांग वासियों के हितों को क्षति पहुंचायी जाएगी। हिंसा मचने से हांगकांग की अर्थव्यवस्था और जन कल्याण को गंभीरता से नुकसान पहुंचाया गया है। तीसरी तिमाही में हांगकांग के जीडीपी में भारी गिरावट नजर आयी। वाणिज्य और पर्यटन को भी मंदी का सामना करना पड़ा। अधिकाधिक हांगकांग वासियों ने हिंसा का विरोध व्यक्त किया है।
उधर“हांगकांग मानवाधिकार और लोकतंत्र अधिनियम”लागू करने से अमेरिका खुद के हितों को भी नुकसान पहुंचाया जाएगा। इस कानून के मुताबिक अमेरिकी सरकार को प्रति वर्ष के लिए हांगकांग की स्वाधीनता, लोकतंत्रता और मानवाधिकार का मूल्यांकन करना है, और इस के आधार पर हांगकांग सरकार या अधिकारियों के खिलाफ आर्थिक दंड देने का फैसला लेगी। इस तरह अमेरिका अपनी खुद को मुसिबतों में फंस जाएगा। बीते दस सालों में अमेरिका ने हांगकांग में सबसे अधिक व्यापार अधिशेष प्राप्त किया है। लेकिन अमेरिकी राजनीतिज्ञों ने अपने राजनीतिक हितों के लिए अपने देश के हितों को भी त्याग दिया है।
वर्तमान में चीन-अमेरिका संबंधों में समस्याएं और चुनौतियां मौजूद हैं। अमेरिका में कुछ व्यक्तियों ने जोरों से चीन-अमेरिका "डिकम्पलिंग" का ढोल पिटा। और हांगकांग के माध्यम से चीन के विकास को रोकना चाहा। लेकिन चीन सरकार की अपनी प्रभुसत्ता की रक्षा करने की मजबूत कल्पना को निम्न मूल्यांकन नहीं किया जाना चाहिये। चाहे अमेरिका कैसा भी तमाशा दिखाए, चीन अविचल रूप से अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करेगा और हांगकांग में एक देश दो व्यवस्था के सिद्धांत का पालन करेगा।
( हूमिन )