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टिप्पणी :हिंसा को रोकना हांगकांग वासियों की त्वरित उम्मीद है

2019-11-26 19:29:42
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अमेरिकी संसद ने "2019 हांगकांग में मानव अधिकार और लोकतंत्र अधिनियम" पारित कर चीन के अन्दरूनी मामलों में हस्तक्षेप किया। चीन इस का जबरदस्त विरोध करता है। वर्तमान में हांगकांग के सामने मौजूद सबसे बड़ी समस्या मानवाधिकार और लोकतंत्र नहीं, पर हिंसा को रोकना और व्यवस्था की बहाली करना ही है।

हिंसा अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का समान दुश्मन है। हिंसा को रोकना अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का सामान्य ज्ञान है। जब अमेरिका में "ऑक्यूपाई वॉल स्ट्रीट" या लंदन में बड़ा दंगा घटित हुए, तब दोनों देशों की सरकारों ने बगैर किसी संकोच के पुलिस भेजी। हाल में स्पेन और चिली आदि ने भी हिंसात्मक कार्यवाहियों के खिलाफ कार्यवाही की। जबकि हांगकांग में बीते पाँच महीनों में उपद्रव पैदा हुआ, बदमाशों ने सामान्य व्यवस्था के खिलाफ सिलसिलेवार हिंसात्मक कार्यवाही बोलकर हांगकांग की समृद्धि और "एक देश, दो प्रणाली" सिद्धांत के खिलाफ गंभीरता से चुनौती दी। और हांगकांग की पुलिस ने सबसे ज्यादा संयम बरता। लेकिन अमेरिका ने बदमाशों के सहारे हिंसात्मक कार्यवाहियों का समर्थन किया और हांगकांग की स्थिरता की रक्षा करने वालों को धौंस दिया।

इधर के दिनों बहुत से हांगकांग वासियों ने सड़कों पर बाधाओं और कचरों की सफाई की। उनको उम्मीद है कि अपनी जन्मभूमि में व्यवस्था की बहाली की जाए। 22 नवम्बर को ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस और इटली समेत 28 यूरोपीय देशों के चीनी उत्प्रवासियों के प्रतिनिधियों ने हांगकांग जाकर हिंसा-रोकथाम का समर्थन प्रकट किया। 26 नवम्बर तक "हांगकांग की रक्षा गठबंधन" द्वारा आयोजित हिंसा की रोकथाम शीर्षक ऑनलाइन हस्ताक्षरण में भाग लेने वालों की संख्या 13 लाख तक पहुंच गयी है। जिससे यह जाहिर है कि हिंसा से ग्रस्त हांगकांग वासी हांगकांग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र सरकार और पुलिस का समर्थन करते हैं। लेकिन अमेरिका ने हांगकांग को नष्ट करने वाले बदमाशों के समर्थन में मानवाधिकार और लोकतंत्र की विधेयक पारित की जिससे उन की गैर-तर्कसंगतता जाहिर होती है।

तथ्यों से यह जाहिर है कि हांगकांग में जो उपद्रव हुआ है, वह विदेशी शक्तियों और हांगकांग के दंगाइयों द्वारा संयुक्त रूप से मचायी गयी रंग क्रांति है। अमेरिकी संसद में पारित विधेयक भी इस का एक हिस्सा है। हांगकांग के लोगों का मानना है कि रंग क्रांति का अच्छा परीणाम कभी नहीं निकला है। ऐसी क्रांति पैदा होने के बाद घटनास्थल पर गंभीर विपत्ति और आपदा जन्म होगा। लेकिन हांगकांग वासियों समेत तमाम चीनी जनता हांगकांग में रंग क्रांति की इजाजत हरगिज़ नहीं देगी। अमेरिकी राजनीतिज्ञों की विधेयक पारित करने से राजनीतिक हित साकार करने की साजिश जरूर विफल होगी।

खुशी की बात है कि वर्तमान में हांगकांग में अधिकाधिक लोगों ने हिंसात्मक कार्यवाहियों के खिलाफ कदम उठाना शुरू किया है। आशा है कि अमेरिकी राजनीतिज्ञ हांगकांग में हिंसा का समर्थन बन्द करेंगे और हांगकांग सवाल के माध्यम से चीन के अन्दरूनी मामलों में हस्तक्षेप की अपनी कारवाइयों को खत्म करेंगे। अगर अमेरिका चीन के रुख को जानबूझकर अनदेखा करे, तो चीन इस के विरूद्ध जबरदस्त कदम उठाएगा।

( हूमिन )

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